मरते दम तक जेल में रहेंगे आसाराम के बेटे नारायण साई

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बलात्कारी आसाराम के बेटे नारायण साईं को रेप के मामले में सूरत की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उस पर एक लाख रूपये का जुर्न्माना भी लगाता है। गौरतलब है कि नारायण साईं को 26 अप्रैल को सूरत में रहने वाली दो बहनों के बलात्कार के मामले में दोषी पाया गया था। इस मामले में सजा का ऐलान आज हुआ है।

नारायण साईं की सजा के ऐलान को लेकर सूरत पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पुलिस ने कोर्ट के आसपास किलेबंदी की थी। पुलिस ने यह कदम नारायण साईं के समर्थकों के पहुंचने की संभावना को लेकर उठाया था। कोर्ट की कार्रवाई के दौरान परिसर में खासी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

नारायण साईं के खिलाफ सूरत की रहने वाली दो बहनों ने बलात्कार के आरोप लगाए थे। पीड़िता छोटी बहन ने अपने बयान में नारायण साईं के खिलाफ ठोस सबूत देते हुए हर लोकेशन की पहचान की है। जबकि बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था।

नारायण साईं और आसाराम के खिलाफ रेप का यह केस करीब 11 साल पुराना है। आसाराम के खिलाफ फिलहाल गांधीनगर के कोर्ट में मामला चल रहा है। नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट अब तक 53 गवाहों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिसमें कई अहम गवाह भी हैं जिन्होंने नारायण साईं को लड़कियों को अपने हवस का शिकार बनाते हुए देखा था या फिर इस कृत्य में आरोपियों की मदद की थी, लेकिन बाद में वो गवाह बन गए।

अंडरग्राउंड हो गया था नारायण साईं

जैसे ही नारायण साईं के खिलाफ रेप का मामला दर्ज हुआ वह अंडरग्राउंड हो गया। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार लोकेशन बदल रहा था। तत्कालीन सूरत पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने नारायण साईं को गिरफ्तार करने के लिए 58 अलग-अलग टीमें बनाई और तलाशी शुरू कर दी। नारायण साईं को 2013 में हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया।