MPPSC

मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन के उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। दरअसल MPPSC द्वारा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2021 के परिणाम पर स्पष्टीकरण जारी किया है। मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमिशन इंदौर द्वारा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट में महिला आरक्षण के विषय में स्पष्टीकरण जारी किया गया है। जिसमें कहा गया कि सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया में भ्रामक जानकारी प्रसारित हो रही है। जिस पर स्पष्टीकरण आवश्यक है।

20 गुना महिलाओ को लेना अनिवार्य

महिलाओं एवं भूतपूर्व सैनिकों को प्रत्येक अनारक्षित आरक्षित और अन्य वर्गों में होरिजेंटल आरक्षण का लाभ दिया जाता है जबकि दिव्यांग और उनके दिव्यांगता के प्रकार के आधार पर उन्हें होरिजेंटल आरक्षण का लाभ मिलता है। वर्टिकल वर्ग में महिला द्वारा विज्ञापित पदों पर न्यूनतम 20 गुना महिलाओं को लिया जाना अनिवार्य किया गया है।

महिला पुरुष का कटऑफ है सामान

बावजूद इसके लगातार सवाल उठ रहे हैं कि आयोग द्वारा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2021 के परीक्षा परिणाम में महिला और पुरुष वर्ग के कट ऑफ समान हैं और आयोग द्वारा महिला आरक्षण नीति का पालन नहीं किया गया है। महिला आरक्षण नीति के अनुसार वर्टिकल वर्ग में 20 गुना से अधिक महिलाएं यदि ओपन मेरिट में चयनित होती है तो ऐसे में अतिरिक्त रूप से उस वर्ग में महिलाओं को लेने की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में महिलाओं का कटऑफ घोषित नहीं किया जाता है। ऐसी परिस्थिति के आधार पर राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2021 के परीक्षा परिणाम तैयार किए गए हैं।

महिला आरक्षण निति का हुआ पालन

अब एमपीपीएससी के स्पष्टीकरण देने के बाद माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय राजेश डारिया विरुद्ध राजस्थान लोक सेवा आयोग का अवलोकन किया जा सकता है। एमपीपीएससी ने स्पष्ट कर दिया है कि परिणाम तैयार करने में महिला आरक्षण नीति का पूर्णरूपेण पालन किया गया है और इसमें किसी भी तरह की अनियमितता नहीं है।