मध्यप्रदेश में इन दिनों कंपकंपी दिला देने वाली ठंड पड़ रही है. जिससे आम जन जीवन काफी प्रभावित हो रहा हैं.राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गुरुवार को सुबह से दोपहर तक घना कोहरा छाया रहा. दिनभर ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रखा. राजधानी का टेंपरेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया.

मध्यप्रदेश में इन दिनों कंपकंपी दिला देने वाली ठंड पड़ रही है. जिससे आम जन जीवन काफी प्रभावित हो रहा हैं.राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गुरुवार को सुबह से दोपहर तक घना कोहरा छाया रहा. दिनभर ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रखा. राजधानी का तापमान 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया.राजधानी का टेंपरेचर 7 डिग्री से नीचे पहुंच गया. शीत लहर और कोहरे को देखते हुए भोपाल और इंदौर सहित कई जिलों में स्कूलों को अवकाश देने का ऐलान भी कर दिया गया हैं.

आपको बता दें कि राजधानी भोपाल में जिला कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए 6 जनवरी से 10 जनवरी तक नर्सरी से 8वीं तक सभी प्राइवेट और गवर्नमेंट स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है. जबकि इंदौर में 6 से 9 जनवरी तक नर्सरी से 8वीं तक क्लासों की छुट्टी रहेगी.

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मौसम विभाग का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने एमपी में कड़ाके की ठंड, कोहरा,शीतलहर और हलकी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने रीवा, सागर, भोपाल, ग्वालियर चंबल, नर्मदापुरम संभाग के जिलों के साथ अनूपपुर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, नीमच मंडला, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम और बुरहानपुर जिले में घना कोहरा छाने का पूर्वानुमान जारी किया है.

इसके अतिरिक्त छतरपुर, ग्वालियर और दतिया जिले में शीतलहर (कोल्ड वेव) पड़ने का मौसम विभाग का अनुमान जारी किया है. ग्वालियर चंबल संभाग के जिलों के साथ रीवा, उमरिया, जबलपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, नीमच, मंदसौर, रायसेन भोपाल, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन और देवास जिलों में शीतल दिन (कोल्ड डे) रहने का अलर्ट जारी किया है.

किसानों की बढ़ी चिंता

मौसम विभाग के अलर्ट ने किसानों की चिंता को काफी बड़ा दिया है. दतिया और छतरपुर में किसानों की रबी की फसलों को पाले का ग्रहण सता रहा है. दतिया और नौगांव में सर्दी का थर्ड डिग्री जारी है.

बूंदाबांदी के आसार

मौसम विभाग की मानें तो 7 जनवरी से नया तंत्र सक्रिय होगा. पश्चिमी हवाएं ईरान, इराक से चलेगी, जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते भारत के उत्तरी इलाकों में प्रवेश करेंगी. जिसके कारण 7 और 8 जनवरी को बादल छाएंगे.