मध्यप्रदेश में दिन के तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है। पिछले 2 दिनों में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस गिर गया है। वहीं रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा है। मंगलवार को राजधानी भोपाल में कोहरा छाया रहा। ठंड का अहसास भी अब होने लगा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान की मानें तो प्रदेश में अगले 2 दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा। इसके बाद कड़ाके की ठंड पड़ने के आसार है।

प्रदेश में कई कई जिलों में तापमान 10 डिग्री के नीचे रिकॉर्ड किया गया है। सभी जिले में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बतया की प्रदेश में दिसंबर के दूसरे सप्ताह से कड़ाके की सर्दी देखने को मिल सकती है। दिन के तापमान में गिरावट जारी है हालांकि दोपहर के वक्त जिले में धूप खिली हुई है लेकिन कपकपी नजर आ रही है। हिमालय की तरफ से आ रही सर्द हवाओं के कारण 2 दिन तापमान में और अधिक तेजी से गिरावट देखी जाएगी।

इन जिलों के तापमान में आई गिरावट

पिछले 24 घंटे की बात करें सभी संभाग में मौसम शुष्क रहा है। न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी जा रही है। शहडोल संभाग में न्यूनतम तापमान तेजी से गिरे हैं। होशंगाबाद और उज्जैन संभाग में सामान्य से काफी अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया। इंदौर संभाग में सामान्य से अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया है जबकि शहडोल सागर और ग्वालियर में सामान्य से बहुत कम तापमान देखने को मिले है।

खरगोन में तापमान 31 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 31, इंदौर में 29.4 जबकि मंडला में तापमान 29.4 रिकॉर्ड किया गया। नरसिंहपुर में तापमान 23 डिग्री सेल्सियस, दतिया 23.8, पचमढ़ी 24.8 जबकि सिवनी में तापमान 25.8 रिकॉर्ड किया गया है। इंदौर में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस भोपाल में 28.4 डिग्री सेल्सियस जबलपुर में 26.6 जबकि ग्वालियर में 26.2 डिग्री सेल्सियस तापमान हैं।

बंगाल की खाड़ी में बना नया सिस्टम

मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो कई इलाके में कोहरा छाने लगा है। दिन के तापमान रात के तापमान सामान्य से ज्यादा चल रहे हैं। सूरज की रोशनी कम हो रही है। जिससे दिन में भी शाम जैसे माहौल देखने को मिल रहे हैं। हालांकि बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया निर्मित हुआ है जिसे मध्यप्रदेश में नमी आ रही है ऊंचाई पर बने बादल की वजह से गर्मी ज्यादा नहीं बनेगी लेकिन रात के तापमान में वृद्धि देखी जाएगी।

दिसंबर में पद सकती है कड़ाके की ठण्ड

मौसम विभाग की मानें तो नवंबर में भले ही प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड का असर ना दिखा हो लेकिन दिसंबर में ठंड बढ़ी है कि दिसंबर के अंत तक कंपन और शीतलहर के साथ कोहरे का पूर्वानुमान जारी किया गया है। कई शहर कोहरे में डूब गए हैं