विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शिवराज सरकार ने कर्मचारियों को प्रमोशन देने का फैसला लिया है। सरकार ने दीपावली पर सरकारी कर्मचारियों को तोहफा देने की तैयारी है। पदोन्नति को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वरिष्ठ सचिवों की पहले दौर की बैठक हो चुकी है।

दूसरी बैठक के बाद होगा निर्णय

दूसरे दौर की बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदेश दौरे के तुरंत बाद होगी। इसके बाद कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख अधिकारी कर्मचारियों को इसका सीधा फायदा होगा। कैबिनेट में जाने वाले प्रस्ताव में अब अधिकारी कर्मचारियों का प्रमोशन मेरिट कम सीनियारिटी के आधार पर होगा। इसके लिए सीआर में क्लास-1 के अफसर को 15, क्लास-2 को 14 और क्लास-3 को 12 अंक लाना जरूरी होगा। पदोन्नति का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है। इसका फैसला कभी भी आ सकता है।

विधि विभाग ने रोका था प्रमोशन

पहले विधि विभाग ने जीएडी के प्रमोशन के प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति लगाकर लाखों अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन के सपने पर पानी फेर दिया था। विधि विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के तमाम आदेशों का हवाला देते हुए जीएडी के प्रस्ताव पर सवालिया निशान लगाए थे। इसके बाद जीएडी ने कानून विभाग की आपत्तियों का निराकरण कर नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर दोबारा विभाग को भेजा गया था, जिसे मंजूरी दे दी गई। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि दीपावली से पहले नए पदोन्नति नियम लागू हो सकते हैं, ये नियम तब तक लागू रहेंगे, जब तक प्रमोशन में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला नहीं आ जाता।

प्रमोशन के पद तीन साल के बाद होंगे खत्म

विधि विभाग की आपत्ति के बाद जीएडी ने प्रस्तावित नए नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। प्रमोशन में बैकलॉग खत्म करना होगा। अब एससी-एसटी के अधिकारियों को प्रमोशन के लिए केवल तीन साल तक बैकलॉग पदों का लाभ मिलेगा। इस अवधि में पदोन्नति के लिए अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिलते तो ये पद खुद खत्म हो जाएंगे।