मोदी की नई टीम में इन सांसदों का हो सकता है प्रमोशन | MP’s get Promotion in Modi’s New Cabinet

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नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में प्रचंड जनादेश पाने के बाद भारतीय जनता पार्टी में नरेंद्र मोदी की ताजपोशी की तैयारियां शुरू हो चुकी है। इसके अलावा पार्टी में मंत्रिमंडल को लेकर भी मंथन शुरू हो गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार की नई कैबिनेट में पुराने कुछ सांसदों का कद बढ़ेगा और कुछ नेताओं की छुट्टी होगी। इसके साथ ही कयास लगाए जा रहे हैं क्या कुछ नाम ऐसे भी हैं जिनका प्रमोशन हो सकता है।

पीयूष गोयल

पीयूष गोयल को 2014 में मोदी कैबिनेट में कोयला पावर एंड न्यू रिन्यूएबल एनर्जी का राज्य मंत्री बनाया गया था। वही रेल मंत्रालय की बागडोर सुरेश प्रभु के हाथ में थी लेकिन देश में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए सुरेश प्रभु से लेकर पीयूष गोयल को सौंप दिया गया था।

इतना ही नहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली बीमारी के चलते इलाज के लिए विदेश गए थे। इस दौरान वित्त मंत्रालय का कार्यभार भी पीयूष गोयल ने ही संभाला था। इस बार केंद्रीय बजट भी गोयल ने ही पेश किया था। गोयल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में उनके कामों को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि उनका कद बढ़ सकता है।

जनरल वीके सिंह

सेना के जनरल पद से रिटायर होने वाले जनरल वीके सिंह एक बार फिर गाजियाबाद सीट से जीतकर लोकसभा पहुंचे हैं। 2014 में वीके सिंह मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री बनाए गए थे। इस दौरान वीके सिंह यमन में आईएस आतंकियों के चंगुल में फंसे सैकड़ों भारतीयों को सही सलामत लेकर आए थे। इसके अलावा इराक में आतंकियों के हाथ मारे गए 39 भारतीयों के अवशेष भी उनके परिवार तक पहुंचाए थे। उनके इन कामों को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं इस बार उनका भी कद बढ़ सकता है।

धर्मेंद्र प्रधान

इस बार मोदी केबिनेट में धर्मेंद्र प्रधान के भी कद बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। 2014 में धर्मेंद्र प्रधान को पेट्रोलियम मंत्रालय के राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मोदी सरकार द्वारा लाई गई उज्जवला योजना के तहत 7 करोड़ लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए जिसका फायदा मोदी सरकार को इस चुनाव में मिला है। ऐसे में धर्मेंद्र प्रधान का भी प्रमोशन हो सकता है।

राज्यवर्धन सिंह राठौर

2014 लोकसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा में शामिल हुए राज्यवर्धन सिंह भारी मतों से जीतकर लोकसभा पहुंचे थे और पार्टी ने उन्हें केंद्रीय खेल राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंप दी थी। इसके अलावा स्मृति ईरानी से सूचना प्रसारण मंत्रालय की जिम्मेदारी वापस लेकर राज्यवर्धन सिंह राठौर को स्वतंत्र प्रभार के रूप में सौंप दी गई थी। ऐसे में उनके कामों को देखकर उनका प्रमोशन भी पक्का माना जा रहा है।

बाबुल सुप्रियो

पश्चिम बंगाल में तेजी से अपने पांव पसार रही भाजपा आसनसोल सीट से दूसरी बार चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे बाबुल सुप्रियो कद भी बढ़ा सकती है। 2014 के आम चुनाव में बंगाल की 42 सीटों में से 2 सीटें जीतने वाली भाजपा इस बार 18 सीटें जीतने में कामयाब रही है। इसके अलावा डेढ़ साल बाद बंगाल में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में बाबुल सुप्रियो का प्रमोशन होना लाजमी है।

जयंत सिन्हा

यशवंत सिन्हा से विरासत में मिली राजनीति को आगे बढ़ाते हुए जयंत सिंहा हजारीबाग सीट से दूसरी बार जीतकर संसद पहुंचे हैं। 2014 में मोदी सरकार ने जयंत सिन्हा को वित्त राज्यमंत्री का दर्जा दिया था। जब कैबिनेट में फेरबदल हुआ तो उन्हें राज्य नागरिक उड्डयन मंत्रालय का पद दिया गया। राजनीतिक गलियारों से आई खबर के मुताबिक मोदी सरकार की नई कैबिनेट में जयंत सिन्हा को फिर मौका मिल सकता है।

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