CAA पर बार-बार सवाल उठाने वाले मलेशिया को सबक सिखाएगी मोदी सरकार

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नई दिल्ली। मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद जम्मू-कश्मीर और नागरिकता कानून को लेकर लगातार गलत बयानबाजी कर रहे हैं। भारत ने मलेशिया को सबक सिखाने के लिए पहले पाम आॅयल के आयात पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी मलेशियाई प्रधानमंत्री बयानबाजी करने से पीछे नहीं हट रहे हैं, जिसे लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कुछ दिन पहले ही मलेशिया के राजनायिक को भी तलब किया था। बार-बार मलेशिया द्वारा नागरिकता कानून और कश्मीर पर बयानबाजी करने को लेकर मोदी सरकार कड़ा सबक सिखाने की तैयारी कर रही है। पाम ऑयल के बाद भारत सरकार अब मलयेशिया से आयात होने वाले माइक्रोप्रोसेसर्स पर पूरी तरह बैन लगाने पर विचार कर रही है।

प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा कि हम भारत द्वारा पाम ऑयल पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि वह हमारा एक बड़ा ग्राहक था। हालांकि बेबाकी से बोलें तो हमें चीजों पर नजर रखनी होगी और कहीं कुछ गलत हो रहा है, तो बोलना भी होगा। रिपोर्ट के अनुसार भारत में कस्टम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे मलेशिया से आयात होने वाले माइक्रोप्रोसेसर्स की क्वॉलिटी कंट्रोल पर कड़ी नजर रखें। इन चिपों का प्रयोग टेलिकॉम डिवाइसों को बनाने में होता है। गौरतलब है कि भारत दुनिया में वनस्पति तेल का सबसे बड़ा आयातक है। वह सालाना करीब 1.5 करोड़ टन वनस्पति तेल खरीदता है। इसमें पाम तेल की हिस्सेदारी 90 लाख टन है, जबकि सोयाबीन एवं सनफ्लावर तेल की हिस्सेदारी 60 लाख टन है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत 30 फीसदी पाम तेल मलेशिया से और 70 फीसदी इंडोनेशिया से आयात करता है। मलयेशिया के मुकाबले इंडोनेशिया कहीं ज्यादा पाम तेल का उत्पादन करता है। मलेशिया के बाजारों में भारत द्वारा पाम ऑयल पर प्रतिबंध लगाने के बाद हड़कंच मचा हुआ है।