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सरोज जी में वो जुनून अभी तक था .

प्रसिद्ध लेखिका अचला नागर की कलम से

1950 मे बतौर background dancer अपना फिल्मी सफ़र आरंभ करने वाली सरोज खान अस्सी का दशक आते बतौर नृत्य निर्देशिका एक बड़ा हस्ताक्षर बन गयीं औऱ उनके निर्देशन में माधुरी दीक्षित , श्रीदेवी के अलावा उस समय की लगभग सभी अभिनेत्रियों ने अपनी विशेष पहचान बनायी …अस्सी के दशक के आरंभ में फिल्म “निकाह ” के मेरा साथ पदार्पण हुआ औऱ सिनेमा जगत की पहली व्यवसायिक लेखिका के रूप में पहचान बनी ,उस दौर मेँ महिला तकनीशियन के नाम पर सरोज खान एवं रेनू सलूजा फिल्म एडिटर की उपस्थिति निश्चित रूप से मुझे हिम्मत देती , अक्सर सेट पर अथवा किसी कार्यकम में मिलना होता रहता था ,साथ काम भी किया .आज उनके निधन का समाचार मुझे गुजरे ज़माने के उन सभी मोड़ों पर ले गया जन्हा अनगिनत यादें हैं ,मेहनत है लगन है कुछ बेहतर कर गुज़रने का जुनून है ..सरोज जी में वो जुनून अभी तक था . सिनेमा जगत में अपने कभी ना भुलाए जाने वाले गीतों के साथ सरोज खान हमेशा अपनी उपस्थिति दर्ज कराती रहेंगी…

आपको मेरा नमन