प्रसिद्ध न्यूज़ पोर्टल घमासान डॉट कॉम द्वारा आयोजित महिला साहित्य समागम में डॉक्टर नूतन पांडेय ने कहा
उन्होंने कहा कि हिंदी कि सारी बोलियों यदि मिला दिया जाए तो हिंदी को विश्व की नंबर एक की बोली माना जा सकता है हिंदी को विश्व स्तर पर स्वीकार कर लिया गया है और इसकी लोकप्रियता में दिनोंदिन बढ़ोतरी हो रही है हिंदी को सीखने में विश्व के कई देश रूचि ले रहे हैं हिंदी सीखने के कारण रोजगार के अवसर भी बढ़ते चले जा रहे हैं.

हिंदी का जैसे-जैसे विकास हो रहा है उसके साथ ही हिंदी में रोजगार के अवसर भी बढ़ते जा रहे हैं जनसंपर्क का कारोबार भी हिंदी के कारण विकसित हो रहा है हिंदी में यही शक्ति उसे दूसरी भाषाओं से अलग करती है सरकार के कई विभाग हिंदी के विकास को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहे हैं.