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शिर्डी में निर्माल्य के फूलों से रोजगार पा रही हैं कई महिलाएं

Posted on: 20 Oct 2018 13:37 by shilpa
शिर्डी में निर्माल्य के फूलों से रोजगार पा रही हैं कई महिलाएं

Many women are getting employment from flowers of Nirmalya

भगवान पर चढ़ाकर उतारे गए फूलों को निर्माल्य कहा जाता है। ये बहुत पवित्र होते हैं क्योंकि इन पर भगवान की मूर्ति के आसपास मौजूद पॉजिटिव एनर्जी भी मौजूद होती है। अक्सर लोग घर के मंदिर में फूल और हार भगवान को चढ़ाते हैं। फूल चढ़ाने के बाद जब हटाए जाते हैं तो कई लोग इन्हें कचरे में फेंक देते हैं। अगर इन्हें कचरे में फेंका जाए या इन पर पैर लगते हैं तो ये शुभ नहीं माना जाता।

शिर्डी के साईं नाथ की प्रसिद्दी के विषय में भला कौन नहीं जानता। एक वक्त था जब शिर्डी मंदिर पर चढ़ाए जाने वाले फूल कूड़ेदान में फेंक दिये जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होता।

अब ये फूल कई गरीब परिवारों को पालने के लिए आजीविका का साधन बन चुके हैं क्योंकि इन निर्माल्य के फूलों से कई महिलाएं रोजगार पा रही हैं।

सूत्रों के अनुसार शिर्डी मंदिर पर प्रति दिन तकरीबन ढाई हजार किलो फूल चढ़ाए जाते हैं। पहले इन फूलों को कूड़ेदान में फेंक दिया जाता था, लेकिन अब इन फूलों से खुशबूदार अगरबत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। अगरबत्तियों के निर्माण में वहां कि स्थानीय महिलाएं शामिल हैं।

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अगरबत्तियों के निर्माण से कई महिलाएं अपना परिवार चला रही हैं। साईं मंदिर पर चढ़ने वाले फूलों से अगरबत्ती बनाने का प्रोजेक्ट पिछले शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक लगभग 45 लाख रुपये की अगरबत्तियां बेची जा चुकी हैं। इससे प्राप्त होने वाली रकम का 10 प्रतिशत हिस्सा शिरडी मंदिर के ट्रस्ट को दे दिया जाता है।

इस प्रोजेक्ट की संचालिका धनश्री विखे पाटिल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में कुल मिलाकर 400 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर में चढ़ाए जाने वाले फूलों से प्रतिदिन 40 हजार अगरबत्तियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने बताया बाजार में बिकने वाली अगरबत्तियां कोयले के पाउडर से बनाई जाती हैं, जिनसे कैंसर होने का खतरा बना रहता है, जबकि फूलों के पाउडर से बनने वाली अगरबत्तियों के धुएं से किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी नहीं होती।

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