Breaking News

Mahashivratri 2019: इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन मात्र से दूर होते हैं पाप

Posted on: 03 Mar 2019 13:19 by Pawan Yadav
Mahashivratri 2019: इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन मात्र से दूर होते हैं पाप

4 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने पर मनोकामना पूरी होती है। वैसे तो हर माह आने वाली शिवरात्रि (चतुर्दशी) पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं लेकिन फाल्गुन मास में आने वाली महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इस दिन श्रद्धालु फल-फूल, जल-दूध से अभिषेक, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग और पंचामृत से भगवान शिव की विशेष पूजा करते हैं और ‘ओम नमः शिवाय’ से जाप से शिव आराधना करते हें। इधर, महाशिवरात्रि पर देशभर में स्थित ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। आइये जानते देशभर में स्थित चमत्कारी ज्योतिर्लिंगों के बारे में….

महाशिवरात्रि में इन राशि वालों की चमकेगी किस्मत

सोमनाथ मंदिर – सभी ज्योतिर्लिंगों में पहला ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर में स्थापित है। ये मंदिर गुजरात के वेरावल में स्थित है जहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। इस शिवलिंग के यहां स्थापित होने की बहुत सारी पौराणिक कथाएं है।

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग – यह ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के तट पर श्रीशैल नाम के पर्वत पर स्थित है। इस मंदिर का उल्लेख पौराणिक कथाओं में भी पाया जाता है। वहीं कई धार्मिक शास्त्रों और काव्यों में मंदिर का वर्णन हैं।

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग – मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है। सभी ज्योतिर्लिंग में से यह एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां प्रतिदिन सुबह की जाने वाली भस्मारती दुनियाभर में प्रचलित है।

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग – ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी किनारे बसा है और इसके चारों ओर ऊंची- ऊंची पहाड़ियां मौजूद हैं।

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग – उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ में 5वां ज्योतिर्लिंग है। यह भी भगवान शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में एक प्रमुख ज्योतिर्लिंग हैं। बाबा केदारनाथ का मंदिर बद्रीनाथ के मार्ग में स्थित है। केदारनाथ की व्याख्या स्कन्द पुराण एवं शिव पुराण की गई है।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग – महाराष्ट्र के पूणे जिले में सह्याद्रि पर्वत पर भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग स्थित है। इस मंदिर को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से मनोकामना पूर्ण होती है।

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग – काशी विश्वनाथ उत्तर प्रदेश के काशी नामक स्थान पर स्थित है। इस स्थान की ऐसी मान्यता हैं कि अगर कभी धरती पर कोई संकट या प्रलय आया तो भी यह शिव मंदिर बना रहेगा।

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग – यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक जिले में गोदावरी नदी के किनारे स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग के निकट ब्रह्मागिरि नामक पर्वत पर स्थित है। इसी पर्वत से गोदावरी नदी का उद्गम हुआ है। ऐसा कहा जाता है कि गौतम ऋषि और गोदावरी नदी के अनुरोध पर ही भगवान शिव यहां पर ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हुए और इसका नाम त्र्यंबकेश्वर महादेव ज्योतिर्लिंग दिया ।

Latest News

Copyrights © Ghamasan.com