महाराष्ट्र: मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिंदे के सामने रखी ये शर्त, फेसबुक लाइव पर कहीं ये बात

मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि शिवसेना और हिंदुत्व एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, दोनों को अलग नहीं किया जा सकता।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र की जनता से फेसबुक लाइव के जरिए बात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि शिवसेना और हिंदुत्व एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, दोनों को अलग नहीं किया जा सकता। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे कुर्सी पर बैठने का मोह नहीं है। मैं जबर्दस्ती इस कुर्सी पर नहीं बैठना चाहता, लेकिन जो कुछ भी कहना है वह सामने आकर कहे। क्योंकि एक तरफ यह कहना कि मैं शिवसैनिक हूं और फिर ऐसा काम करना, पार्टी से गद्दारी ठीक नहीं है। जैसा की कहावत है कुल्हाड़ी में लकड़ी का हत्था लगा होता है और वही पेड़ काटता है। ठाकरे ने कहा कि शरद पवार ने मुझसे कहा था कि मैं बात करता हूं, उन्होंने कहा कि आप मुख्यमंत्री का जिम्मा संभाले कांग्रेस, राकांपा, शिवसेना को एक साथ काम करना होगा तो आप ही यह नेतृत्व संभाले। सोनिया भी फोन करती है, लेकिन इन सबके के पीछे मेरा कोई स्वार्थ नहीं है। सभी ने मुझे मदद की है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि 2014 का चुनाव हमने अपने दम पर और हिंदुत्व के मुद्दे पर लड़ा था। वह बहुत कठिन दौर था, लेकिन 2014 के बाद जो लोग बोल रहे हैं कि शिवसेना बाबा साहेब ठाकरे वाली नहीं रही तो वे लोग ध्यान रखें कि नई शिवसेना से ही हमें मंत्री पद मिले हैं।

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उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर एकनाथ शिंदे मुझसे बोलते तो मैं इस्तीफा भी दे देता। अगर आप चाहते हैं कि मैं सीएम की कुर्सी पर ना रहूं तो बोलिए। विधायक अगर मुझसे बोलते हैं तो मैं कुर्सी छोड़ दूंगा। लेकिन जब तक शिवसैनिक मेरे साथ है तो मैं हर चुनौती का सामना करूंगा। लेकिन वही जो लोग कहते हैं कि मैं शिवसेना का नेतृत्व करने के लायक नहीं हूं तो मैं उन्हें तवज्जो नहीं देता। क्योंकि मैं संकटों से जूझने वाला शिवसैनिक हूं। अगर शिवसैनिक बोलते है कि मैं पद छोड़ दूं तो मैं छोड़ दूंगा।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि आप मुझे फेसबुक पर लाइव देख रहे हैं तो आप मुझे बताइए कि क्या आप मुझे सीएम पद पर देखना चाहते हैं। आप सामने आकर बात करें और मुझसे यह बात करें तो मैं पद छोड़ने को तैयार हूं। उद्धव ठाकरे नहीं चाहिए तो भी सही है, पर मेरे सामने आकर यह बात करो।

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ठाकरे ने कहा कि हम कांग्रेस और राकांपा के खिलाफ काफी समय से थे, लेकिन शरद पवार ने एक बैठक ने मुझसे कहा था कि मुझे बात करनी है। उन्होंने कहा था कि तुम्हारे कंधे पर जिम्मेदारी देनी है। मुझसे मुख्यमंत्री बनने की भी बात कही थी। अगर कांग्रेस या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी कहती है तो मैं तुरंत ही इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं। लेकिन बीजेपी मुझे लगातार बुरा भला कह रही है कि मैं मुख्यमंत्री कहलाने के लायक नहीं हूं। मुझे सीएम पद छोड़ने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन मेरी जगह कोई शिवसेना का मुख्यमंत्री बनेगा तो मुझे खुशी होगी। सोनिया गांधी ने भी हम पर भरोसा जताया है, कमलनाथ ने भी मुझे फोन करके कहा है कि हम सभी आपके साथ हैं।

उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं मेरी कोई मजबूरी नहीं है, मैं किसी पर भी निर्भर नहीं हूं। बागी विधायकों के लिए सीएम ने कहा कि जो नाराज विधायक हैं वह सामने आए मैं कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार हूं, गुवाहाटी गए शिवसेना के बागी विधायकों के बारे में उद्धव ठाकरे ने कहा है कि जिन्हें अपना मानता हूं, जो गुवाहाटी गए हैं वह मुझसे बात करें। यह मेरा नाटक नहीं है मैं आपके साथ आने के लिए तैयार हूं, संख्या किसके पास कितनी है इससे मुझे मतलब नहीं है।v