इंदौर। मध्यप्रदेश सरकार आगे बढ़कर निवेशकों को हर संभव सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है। फार्मा इंडस्ट्री में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है। स्वास्थ्य सुरक्षा एवं दवा उद्योग मानव जीवन से सीधे जुड़ा होने के कारण अत्याधिक महत्वपूर्ण है। निवेशक मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा, दवा उद्योग में निवेश के लिए आगे आएँ। यह बात मध्यप्रदेश के लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री डॉ.प्रभुराम चौधरी ने रविवार को इंदौर में फार्मास्युटिकल, मेडिकल एवं हेल्थ केयर के क्षेत्र में निवेश विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ऊषा ठाकुर भी उपस्थित थी।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि फार्मा इंडस्ट्री में अधिकाधिक निवेशकों से आगे आने का आव्हान किया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि देश के हृदय स्थल मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए अच्छा माहौल है। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सुरक्षा पर तेज गति और गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। इस क्षेत्र में नई तकनीक के उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई अब हिन्दी में भी हो रही है। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है।

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स्वास्थ्य विभाग के सचिव एवं आयुक्त डॉ. सुदाम खाड़े ने फार्मास्यु‍टिकल, मेडिकल हेल्थ डिवाइस निर्माण एवं हेल्थ केयर के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और क्षेत्र को सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न रियायतों और सुविधाओं पर प्रकाश डाला। इस सत्र में सन फार्मा लिमिटेड के चेयर मेन डॉ. असगर खॉन, डॉ. आर.एस.गोस्वामी, म.प्र. स्माल स्केल मेन्युफेक्चिंरिंग एसोसिएशन के चेयन मेन डॉ. दर्शन कटारया, सिप्ला के चेयरमेन डॉ. आशीष जुत्शी इप्का लेबोटिरी इंडस्ट्री के प्रमुख श्री दिनेश सयाल तथा तपन शर्मा, डॉ. इलेश जैन एवं अंकित ठक्कर आदि ने भी फार्मा इंडस्ट्री एवं हेल्थ केयर के क्षेत्र में अपने अनुभवों को साझा करते हुए मध्यप्रदेश निवेश के लिए सकारात्मक माहौल की सराहना की।