मध्य प्रदेश में शासकीय आमला एक्टिव हो गया है। पिछले कुछ दिनों से विपुस्थ लोकायुक्त इंदौर संभाग की टीम रिश्वत लेने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही करता नजर आ रहा है। बड़वानी जिले के राजपुर के लोवर गोई परियोजना, नर्मदा घाटी प्रोजेक्ट, भू अर्जन, भू सर्वे, शासकीय क्लीयरेंस लेने के पर रिश्वत का मामला सामने आया है।

इस मामले की जानकी मिलते ही लोकायुक्त टीम ने भोपाल फर्म के सदस्य और अन्य आदमी को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें, शासकीय क्लीयरेंस पास करने के एवज में 50,000 रुपए मांगे थे। इस मामले की शिकायत राजपुर निवासी गिरधारी कुशवाह (58) ने की थी। जिसके बाद भोपाल फर्म के सदस्य आरोपी सुरेश बरोठ (45) और अन्य राजापुर निवासी प्रकाश कुशवाह (54) पर कार्यवाही की गई।

क्या है मामला?

शिकायत कर्ता के अनुसार, भू-अर्जन प्रकरण 03/अ-82/20-21 में प्रस्तावितअवार्ड 31.1.22.के अनुसार उसकी कृषि भूमि 8/3,9/2 रक़बा क्रमशः 0.300,0.105 हेक्टेयर का मुआवज़ा 23,57,850 रुपए बना जो उसे इसी माह में प्राप्त हुआ है। लोवर गोई परियोजना, नर्मदा घाटी प्रोजेक्ट, राज़पुर बड़वानी में भू अर्जन, भू सर्वे, शासकीय क्लीयरेंस लेने हेतु शासन द्वारा मैसर्स अम्बरीश कुमार त्रिपाठी कांट्रेक्टर फर्म (AKT) को “टर्न-की” कॉंट्रैक्ट दिया गया है। आरोपियों द्वारा फर्म की ओर से कई वर्षों से भू सर्वे एवं भू अर्जन का कार्य किया जा रहा है।आरोपी द्वारा आवेदक को जाकर बताया गया की आपके खेत से नहर जा रही है जिसका उसे मुआवज़ा मिलना है वो तभी मिलेगा जब उसे मुआवज़े में मिली राशि में से 3,37,000 रुपये आरोपियों को दोगे,जिसकी शिकायत आवेदक द्वारा लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में की गई।

सत्यापन उपरांत शिकायत सही पाए जाने पर आज दिनांक 26.12.22 को आरोपी सुरेश बरोठ को आवेदक से प्रथम किश्त के रूप में रिश्वत राशि ₹50,000 लेते हुए ट्रैप किया गया। आरोपी सुरेश ने रिश्वत की राशि लेकर प्राइवेट व्यक्ति प्रकाश कुशवाह को दे दी जिसे भी सह आरोपी बनाया गया। धारा 7 भ्रनिअ अंतर्गत कार्यवाही अभी जारी है।