पूर्वोत्तर राज्यों में ‘कमल’ ने किया कमाल, यहां भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ | Lok Sabha Election 2019: BJP retains North-East India…

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लोकसभा चुनाव में बीजेपी शानदार फतह हासिल की है और एक बार मोदी सरकार सत्ता पर काबिज हो गई है। वहीं इस चुनाव के साथ बीजेपी ने पूर्वोत्तर राज्यों में भी अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।

वहीं चुनाव से पहले नागरिकता संशोधन कानूून से बीजेपी को बड़ा घाटा होने की संभावना जताई जा रही थी। जिसके बाद जब पार्टी द्वारा असम के 7 में से 5 सांसदों के टिकट काटे गए तो ऐसा माना जा रहा था कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी की राह आसान नहीं होने वाली हैं।

इधर घुसपैठियों को हटाने को एनआरसी तैयार करने में पूर्वोत्तर विशेष तौर पर असम की राजनीति में सियासत को गर्मा दिया और अटकलें लगााई जा रही थी कि लोकसभा चुनाव के नतीजे बीजेपी के पक्ष में नही रहेंगे। लेकिन मोदी मैजिक के सामने ये सारी अटकलें ध्वस्त हो गई और पार्टी ने असम में अपनी जड़े और अधिक मजबूत कर ली है।

बता दे कि भाजपा को 2014 की तुलना में अधिक सीटें मिली है। 2014 में जहां पार्टी 7 सीटों पर ही जीत हासि कर पाई थी। वहीं इस बार के चुनाव में बीजेपी ने 9 सीटों पर कब्जा जमाया है। यहां पर कांग्रेस भी अपी पुरानी 3 सीटें बचाने में कामयाब रही है।

इसके अलावा एआईयूडीएफ को तीन सीटों का घाटा हुआ है और वह मात्र एक सीट पर ही सिमट कर रह गई है। साथ ही इस जीत के बाद अब राज्य के सीएम सर्वानंद सोनोवाल, पूर्वोत्तर के प्रभारी महासचिव राम माधव और पूर्वोत्तर की रणनीति के शिल्पकार हेमंत बिस्वसरमा का सियासी कद भी बढ़ गया है।

त्रिपुरा में माकपा का किया सफाया –
बीजेपी ने दो साल पहले वाम दलों को कराती मात देते हुए त्रिपुरा में अपना परचम लहराया था जिसे एक बड़ा वर्ग तुक्के के रूप में मिली जीत के तौर पर देख रहा था। वहीं मुख्यमंत्री बने बिप्लव देव के बयानोें ने भी पार्टी को मुश्किलों में लाकर खड़ा कर दिया था। लेकिन लोकसभा चुनाव में मिली जीत के बाद बीजेपी ने अब यह साबित कर दिया है कि विधानसभा चुनाव में मिली जीत तुक्का नहीं थी।

नगालैंड में एनडीपीपी ने हासिल की फतह-
एक लोकसभा सीट वाले नागालैंड में भी एनडीए समर्थक पार्टी नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) ने नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) को हराकर जीत हासिल की है।

मेघालय – कांग्रेस को एक सीट का घाटा
मेघालय में इस बार के चुनाव में भाजपा की सहयोगी एनपीपी की झोली में भी एक सीट आई है। वहीं कांग्रेस के भी एक सीट मिली है। बता दे कि बीते चुनाव में दोनों सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था। इस बार बीजेपी को अपने सहयोगी के जरिए राज्य में अपनी पैठ बनाने में सफल हुई है।

मणिपुर – कमल ने रचा इतिहास
भाजपा को 2 लोकसभा सीटों वाले मणिपुर राज्य में पहली बार कमल खिलाने में कामयाबी मिली है। वहीं कांग्रेस को अपनी दोनों सीटों पर झटका लगा है। इस चुनाव में बीजेपी और नपीएफ को एक-एक सीट मिली है। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को यहां से दो सीटें मिली थीं लेकिन इस बार कांग्रेस का यहां से साफाया हो गया है।

अरुणाचल प्रदेश में भी बीजेपी ने दिया जलवा
पूर्वात्तर के एक अन्य राज्य अरुणाचल प्रदेश में भी भाजपा ने शानदार जीत हासिल की है और पार्टी ने क्लीन स्वीप करते हुए राज्य की दोनो सीटों पर कब्जा जमा लिया हैै। यहां से गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू और प्रदेश अध्यक्ष तापिर गाव को जीत मिली है। 2014 के चुनाव में कांग्रेस को यहां एक सीट पर हासिल हुई थी।

मिजोरम - यहां से भी कांग्रेस का सूपड़ा साफ
एक सीट वाले मिजोरम राज्य में भी कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है और अपनी एक सीट भी यहां से गवानी पड़ी है। यहांप पर भाजपा की सहयोगी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट के हाथों कांग्रेस को हार झेलनी पड़ी है। बता दे कि भाजपा ने समझौते के तहत यह सीट सहयोगी एमएनएफ को दी थी।

सिक्किम – सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा ने जमाया कब्जा
एक सीट वाले इस राज्य में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा की इंदिरा सुब्बा ने जीत हासिल की है। उन्होंने वर्तमान सांसद सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के डेक बहादुर कटवाल को 12,044 मतों से हराया है।

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