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 जानिए प्रिया दत्त ने राजनीति में नया इतिहास कैसे लिखा

Posted on: 29 Apr 2019 17:20 by rubi panchal
 जानिए प्रिया दत्त ने राजनीति में नया इतिहास कैसे लिखा

देश में लोकसभा के लिए चौथे चरण के चुनाव आज सुबह से शुरू हो गए है। जिसमें मुंबई उत्तर मध्य से कांग्रेस पार्टी की नेता प्रिया दत्त चुनावी मैदान में है वहीं उन्हे टक्कर देने को भारतीय जनता पार्टी ने मौजूदा सांसद पूनम महाजन को खड़ा किया है।

अभिनेता व राजनेता रह चुके सुनील दत्त और मशहुर अदाकारा नरगिस के घर जन्मी प्रिया दत्त को राजनीति और फिल्मी करियर तो विरासत में ही मिले थे लेकिन उन्हें फिल्मी दुनिया में कोई खास रूचि नहीं रही और अपनी मेहनत से उन्होंने राजनीति में अपनी एक अलग ही पहचान कायम की। पिता सुनील दत्त और मां नरगिस दोनों ही राजनीति के साथ-साथ समाज कल्याण के लिए अपना योगदान देते रहे है।

प्रिया को राजनीति विरासत में भले ही मिली हो पर राजनीति में उनकी शुरूआत आसान नहीं थी उन्हें 2005 में उपचुनाव के दौरान उनके पास धमकी भरे फोन खूब आते थे, जिसमें उन्हें जान से मारने तक की धमकियां दी जाती थी लेकिन फिर भी वे निडरता से चुनावी मैदान में डटी रही और बेहतरीन जीत भी हासिल की।

सुनील दत्त के निधन के बाद प्रिया दत्त ने 2005 में कांग्रेस पार्टी से उत्तरी पश्चिमी मुंबई लोकसभा क्षेत्र से 14वीं लोकसभा के लिए चुनाव लड़ा और अपने इस पहले ही चुनाव में उन्होंने शिवसेना के उम्मीद्वार को पछाड़ कर भारी मतों से जीत हासिल की। जिसके बाद मीडिया ने उन्हें खूब सराहा और इसके बाद वे अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की सचिव नियुक्त की गई। जिसके बाद 2009 में भी उन्होंने इसी सीट पर जीत दर्ज की लेकिन 2014 में उन्हें इस सीट पर हार का सामना करना पड़ा।

प्रिया ने हमेशा राजनीति से ज्यादा सामाजिक कल्याण में जोर दिया है। प्रिया ने महिलाओं के हक के लिए समय-समय पर आवाज उठाई। चाहे वह महिलाओं के आरक्षण की बात हो या फिर वेश्यावृत्ति की कानूनी मान्यता की। प्रिया आज कई महिलाओं के लिए आदर्श बन गई हैं। आज भी प्रिया समाजसेवा करने से कभी पीछे नहीं हटती चाहे फिर वह गणेश विर्सजन के बाद बीच की सफाई हो, सरकारी अस्पताल में जाकर मरीजों की सुध लेना हो, लोगों को जागरुक करने हेतु मैराथन में भाग लेना हो, क्रिसमस पर गरीब बच्चों को कपड़े, चॉकलेट बांटना हो या फिर समाजसेवा से जुड़ा कोई भी मुद्दा हों। हर जगह उनका योगदान बहुत सराहनीय रहा है।

 

राजनीति में सक्रिय होते हुए भी प्रिया ने अपने परिवार को हमेशा अपने साथ रखा है। अपने भाई संजय दत्त के बड़ी से बड़ी परेशानियों में भी प्रिया हमेशा उनके साथ खड़ी रही। संजय दत्त की बुरी आदतों के कारण प्रिया को काॅलेज के दिनों में काफी कुछ सुनना पड़ता था, लेकिन वे फिर भी अपने भाई को सही राह पर लाने के लिए हर कोशिश करती थी। 2009 में संजय के सपा में शामिल होने पर खबरें आती थी कि दोनों के बीच आपसी मतभेद होने लगे थे, लेकिन अपने 2019 के इस लोकसभा चुनाव के लिए संजय ने प्र्रिया के लिए काफी प्रचार किया और यही नहीं बल्कि प्रिया 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने भी संजय के साथ ही गई।

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