हिंदुस्तान की संपादक तथा बहुचर्चित उपन्यास लेखिका जयंती रंगनाथन साहित्य समागम में भाग लेंगी

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6 और 7 फरवरी को इंदौर में होने वाले महिला साहित्य समागम के लिए दैनिक हिंदुस्तान की संपादक तथा प्रसिद्ध उपन्यास लेखिका जयंती रंगनाथन की स्वीकृति मिल गई है| उल्लेखनीय है कि वामा साहित्य मंच और घमासान डॉट कॉम द्वारा यह संयुक्त आयोजन किया जा रहा है| जयंती रंगनाथन हिन्दी की उन गिनी-चुनी लेखिकाओं में से हैं] जिन्होंने फॉर्म, फॉरमेट, कॉन्टेंट और प्लेसमेंट में ख़ूब प्रयोग किया है। किसी ढाँचे में ढल कर नहीं, बल्कि नये ढांचे बना कर। स्त्री मन की आकांक्षाओं और भावनाओं को नई सदी के दृष्टिकोण से समाज के समक्ष प्रस्तुत करते हुए, जयंती जी ने कथ्य की साहित्यिक परंपरा और कथानक में आधुनिकता का अदभुत संयोजन किया है।

नई पीढ़ी को उसकी भाषा, उसके विषय और उनके मिज़ाज़ की बाते कहती जयंती जी, इसलिए युवाओं की सबसे लोकप्रिय लेखिकाओं में से एक है। एफ.ओ. ज़िंदगी, जयंतीजी का नया उपन्यास है, जो मिलीनियल्स को केंद्र में रखता है, इस समय के सर्वाधिक चर्चित उपन्यासों में से एक है। ‘धर्मयुग’ में 10 सालों तक और धर्मवीर भारती के साथ 4 सालों तक काम किया। तब से आज तक हिंदी पत्रकारिता की शिखर महिला के रूप में हमारे बीच हैं। दस साल धर्मयुग में काम करने के बाद कुछ वर्षों तक ‘सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन’ से जुड़ी। दिल्ली आयी ‘वनिता’ पत्रिका की शुरुआत करने और उसकी संपादक रही। ‘अमर उजाला’ से होते हुए पिछले छह सालों से ‘हिन्दुस्तान’ में कार्यकारी संपादक है। इसके अलावा प्रसिद्ध बाल साहित्य पत्रिका ‘नन्दन’ की सम्पादक भी है। चार सीरियल, तीन उपन्यास और एक कहानी-संग्रह के अतिरिक्त उनकी रचना यात्रा में बहुत सी कहानियां देश भर के पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित है। बाल साहित्य में उनका अभिनव प्रयोग ऑडियो स्टोरी के रूप देश का सर्वाधिक लोकप्रिय कथारूप है। अखिल भारतीय महिला साहित्य समागम में 7 फरवरी को वे, आपके रूबरू होंगी, अपने अलग अंदाज में आज के साहित्य पर बात करने और अपने अनुभव बांटने के लिए।

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