दुनिया में सिर्फ यहां मां यशोदा की गोद में विराजमान है कृष्ण

मंदिर कही और नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में राजबाड़ा क्षेत्र में स्थित है। ये मंदिर लगभग 200 साल पुराना है।

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yashoda mata

इंदौर: देश के साथ-साथ विदेशों में भी आज जन्माष्टमी की धूम दिखाई दे रही है। श्रीकृष्ण मंदिरों में सुबह से ही भक्तो की भीड़ लगने लगी है। भगवन का आकर्षक श्रृंगार भक्तों का मन मोह रहा है। हर तरह श्रीकृष्ण के नटखट रूप, राधा-कृष्ण के प्यार, कृष्ण की रासलीला की चर्चा हो रही है। इस मौके पर आज हम आपको एक ऐसे मंदिर के बारें में बताने जा रहे है, जो पूरे विश्व में एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां मां यशोदा कान्हा को अपनी ममता की छाया में समेटे हुए हैं।

आपको जानकर हैरानी होगी कि ये मंदिर कही और नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में राजबाड़ा क्षेत्र में स्थित है। ये मंदिर लगभग 200 साल पुराना है।

बैलगाड़ी से लाए थे माता यशोदा की मूर्ति..

यशोदा मंदिर के पुजारी महेन्द्र दीक्षित बताते हैं कि उनके परदादा ने लगभग 222 साल पहले इस मंदिर की स्थापना की थी। उन्हें यशोदा माता का मंदिर बनाने की प्रेरणा उनकी माताजी ने ये कहकर दी थी कि कन्हैया को तो सारा संसार पूजता है, लेकिन उनको पालने पोसने वाली यशोदा मैया को सब भूल गए हैं।

माताजी की यह बात सुन उन्होंने यशोदा मंदिर की स्थापना का संकल्प लिया था। उस समय जयपुर में मूर्ति बनवाई थी। इंदौर से बैलगाड़ी लेकर उनके परदादा जयपुर गए थे और वहां से मूर्ति लेकर आए थे।

माता की गोद भरने से मिलता है कृष्णा जैसा पुत्र..

इस मंदिर की ख़ास बात यह है कि कृष्ण जैसे पुत्र के लिए इस मंदिर में हर गुरुवार को महिलाएं चांवल, नारियल और अन्य सामन से यशोदा माता की गोद भरती हैं। ऐसी मान्यता है कि यशोदा माता की गोद भरने वाली महिलाओं की गोद वह उन्हें कृष्ण जैसा पुत्र देकर भरती हैं।

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