इंदौर। भारत सरकार एवं यूआईडीएआई के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे सभी नागरिकों को जिनके आधार कार्ड बने हुए और 10 वर्ष पूर्ण हो चुके है, को अपने आधार कार्ड में अपने पते का प्रमाण (पीओए) एवं पहचान का प्रमाण (पीओआई) अपडेट कराना आवश्यक है।

यह जानकारी गत दिवस इंदौर के कलेक्टर कार्यालय में संपन्न हुयी। जिला आधार निगरानी समिति की बैठक में दी गयी। बैठक में जिला प्रबंधक ई-गवर्नेंस श्रीमती अंकिता पोरवाल कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री श्री रामनिवास बुधौलिया, सहायक संचालक शिक्षा श्री नरेंद्र जैन, सीएससी को ऑर्डिनेटर श्री अरविंद वर्मा एवं श्री ऋषभ जायसवाल, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की प्रतिनिधि कृतिका अरोड़ा, यूआईडीएआई द्वारा नामित प्रतिनिधि राज्य परियोजना प्रबंधक निकेत दीवान उपस्थित थे।

दीवान ने बताया कि भारत सरकार एवं यूआईडीएआई के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसे सभी नागरिकों को जिनके आधार कार्ड बने हुए हैं और उन्हें 10 वर्ष पूर्ण हो चुके है, को अपने आधार कार्ड में अपने पते का प्रमाण (पीओए) एवं पहचान का प्रमाण (पीओआई) अपडेट कराना आवश्यक है। उन्होने बताया कि विगत दस वर्षों के दौरान आधार नम्बर व्यक्ति के पहचान के प्रमाण के रूप में उभरा है। उन्होने बताया कि आधार नम्बर का उपयोग विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है।

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दीवान ने बताया कि इन योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जरूरी है कि व्यक्तिगत नवीनतम विवरण से आधार डाटा को अपडेट रखा जाए। आधार प्रमाणीकरण/सत्यापन में असुविधा नहीं हो। उन्होने कहा कि ऐसे व्यक्ति जिन्होने अपना आधार 10 वर्ष पूर्व बनवाया था एवं तदोपरांत इन सालों में कभी अपडेट भी नही करवाया है, ऐसे आधार नंबर धारकों को डॉक्यूमेंट अपडेट करवाना जरूरी है। उन्होने कहा कि 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का भी आधार अवश्य बनवाया जाए। बैठक में ई गवर्नेंस अधिकारियों के द्वारा आधार से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गयी एवं जिले में आधार के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक सुझाव प्रदान किये गये।