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Indore News : मंत्री सखलेचा ने किया चाचा नेहरू बाल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का किया उद्घाटन

स्कूल से निकलते ही विद्यार्थियों को आई.टी. के क्षेत्र में पारंगत बनाने की शुरुआत गुरुवार को इंदौर से हुई।

इंदौर(Indore News): स्कूल से निकलते ही विद्यार्थियों को आई.टी. के क्षेत्र में पारंगत बनाने की शुरुआत गुरुवार को इंदौर से हुई। जहाँ इंफोसिस के साथ भोपाल,उज्जैन और इंदौर के 12 इंजीनियरिंग कॉलेज ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा की उपस्थिति में प्रौद्योगिकी के नि:शुल्क आदान-प्रदान के समझौता पत्र यानि एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इंदौर के इंफोसिस केम्पस में हुए इस कार्यक्रम में मंत्री सखलेचा ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में इंफोसिस के जरिए आईटी में करीब 8 हज़ार कुशल युवाओं की चेन एक वर्ष में बनाने की परिकल्पना की गई थी और मैं संतुष्ट हूँ कि इंफोसिस ने करीब 6 हज़ार की टीम सिर्फ 6 माह में ही तैयार कर दी है। उन्होंने कहा कि स्किल का जमाना है और लगातार बदलती तकनीकी के इस दौर में कौशल युक्त विद्यर्थियों से ही प्रदेश को आत्म-निर्भर बनाया जा सकता है।

आक्सीजन प्लांट का उदघाटन सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री  ओमप्रकाश सखलेचा ने इन्दौर प्रवास के दौरान इंफोसिस द्वारा चाचा नेहरू बाल अस्पताल, इंदौर को दान किए गए ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन भी किया। इस ऑक्सीजन प्लांट से इंदौर के नागरिक विशेषतः अस्पताल में भर्ती बच्चों को मदद मिलेगी। इस अत्याधुनिक ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता प्रति मिनट 500 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन की है।

बाद में, मंत्री सखलेचा के मार्गदर्शन में इंदौर, भोपाल और उज्जैन के कॉलेजों के 11 समूह ने अपने पाठ्यक्रम और शिक्षण को ट्रेंडिंग प्रौद्योगिकी में पाठ्यक्रमों के माध्यम से कौशल में सुधार करने के लिए इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड मॉड्यूल के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड क्षमताओं का प्रदर्शन इंफोसिस की शिक्षा, प्रशिक्षण और मूल्यांकन प्रमुख तिरुमाला आरोही ने भी किया। इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड बड़े पैमाने पर डिजिटल कौशल का एक मंच है। मंत्री  सखलेचा ने कॉलेजों से भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए छात्रों में क्षमता का निर्माण करने का अनुरोध किया।

इंफोसिस के साथ गोविंदराम सेकसरिया प्रौद्योगिकी और विज्ञान संस्थान, मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी, नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग मैनेजमेंट एंड रिसर्च, इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, डीएवीवी, वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय इंदौर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी-आरजीपीवी, भोपाल, एप्लाइड साइंसेज के सिम्बायोसिस विश्वविद्यालय इंदौर, उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज उज्जैन, पुनर्जागरण विश्वविद्यालय और एनीबेसेंट कॉलेज इंदौर ने हिस्सा लिया।

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