Indore News: ऑनलाइन धोखाधड़ी पर इंदौर क्राइम ब्रांच का एक्शन, किया कार्यशाला का आयोजन

इंदौर: वर्तमान समय में बढ़ते सायबर अपराधों एव ऑनलाईन ठगी की रोकथाम एवं पुलिस व बैंक द्वारा बेहतर आपसी तालमेल व समन्वय के साथ नई तकनीकों का प्रयोग करते हुए कार्य करके,

इंदौर: वर्तमान समय में बढ़ते सायबर अपराधों एव ऑनलाईन ठगी की रोकथाम एवं पुलिस व बैंक द्वारा बेहतर आपसी तालमेल व समन्वय के साथ नई तकनीकों का प्रयोग करते हुए कार्य करके, इन अपराधों पर नियत्रंण पाया जा सके इसी को ध्यान में रखते हुए, सभी बैंको के सहयोग से क्राईम ब्रांच के अधिकारियों के लिये एक कार्यशाला आयोजन आज दिनांक 12.01.2022 को पुलिस कंट्रोल रूम (रीगल स्केवयर) पर किया गया। जिसमें क्राईम ब्राचं इंदौर के पुलिस उपायुक्त श्री निमिष अग्रवाल की विशेष उपस्थिति में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री गुरूप्रसाद पराशर एवं ए.सी.पी. श्री अनिल सिंह चौहान सहित शहर के विभिन्न प्रमुख बैंको के नोडल अधिकारीगण एवं क्राईम ब्रांच इन्दौर की टेक्निकल टीम सहित अन्य पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे।

उक्त कार्यशाला में वर्तमान परिदृश्य में बढ़ते ऑनलाईन ट्रान्जेक्शन के कारण, सायबर अपराधियों द्वारा की जाने वाली ऑनलाईन ठगी व धोखाधड़ी की वारदातों की रोकथाम एवं इनसे बचने के लिये ध्यान में रखने वाली आवश्यक बातों पर चर्चा की गयी । जिसमे पुलिस उपायुक्त(क्राईम ब्राचं) श्री निमिष अग्रवाल इन्दौर ने कहा कि पुलिस व बैंक बेहतर आपसी समन्वय व तालमेल के साथ काम करके, इन अपराधों पर बेहतर तरीके से नियंत्रण पाया जा सकता है, उन्होने इस संबंध में चर्चा के दौरान निम्नलिखित बातों को ध्यान रखने पर जोर दिया ।

✓बैंको की वेबसाईटों को समय-समय पर अपडेट करतें रहे, व इस पर बैंकिग फ्रॉड से बचने के लिए रखी जानें वाली सावधानियों को भी आम जनता के लिये अपलोड करें।

✓विभिन्न ई वॉलेट के माध्यम से किये जाने वाले ट्रांजेक्शन पर होने वाली ठगी से बचने के लिये पूरी सावधानी बरती जावें।

✓कॉल सेंटर के माध्यम से कॉल कर विभिन्न प्रकार के प्रलोभन दिये जाकर की जानें वाली ठगी को रोकनें के लिये भी आवश्यक कदम उठाये जाये।

✓बैंको की लिंक आदि भेजकर यूपीआई के माध्यम से की जाने वाली ठगी को रोकनें के लिए, इस प्रकार की वेबसाईटो की पहचान कर उन पर कार्यवाही की जावें एवं इस पर बैंको द्वारा अपनी वेबसाईट्‌स के सुरक्षा फीचर जोड़े जावें।

आयोजित बैठक में प्रमुख तौर पर आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया, कोटक बैंक, एक्सिस बैंक, केनेरा बैंक, यस बैंक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, एच डी एफ सी बैंक, बैंक ऑफ इण्डिया, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, बैंक ऑफ इण्डिया, तथा एक्सिस बैंक सहित 15 से अधिक बैंकों के नोडल अधिकारी उपस्थित हुये जिन्होंनें पुलिसकर्मियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संवाद के माध्यम से बैंक से संबंधित आने वाली तकनीकी समस्याओं को जाना तथा शीघ्र निराकरण का आशवासन दिया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों के द्वारा सायबर फ्रॉड को रोकनें के लिए बैंको के नोडल अधिकारियों से सायबर अपराधों पर चर्चा कर फीडबेक लिये गये, जिससें भविष्य मे होने वाले सायबर अपराधों को रोकनें मे सफलता प्राप्त की जा सकें।