इंदौर। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर हरिनारायणचारी मिश्र द्वारा इंदौर कमिश्नरेट में लोगों से छलकपट कर अवैध लाभ अर्जित करते हुये आर्थिक ठगी करने वाले एवं सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर आपत्तिजनक पोस्ट व हैकिंग करने वाले अपराधियों की पहचान कर विधिसंगत कार्यवाही करते हुये उनकी धरपकड़ करने हेतु प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

उक्त निर्देशों के अनुक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजेश हिंगणकर के मार्गदर्शन में पुलिस उपायुक्त निमिष अग्रवाल एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गुरू प्रसाद पाराशर द्वारा ऑनलाईन ठगी एवं सोशल मीडिया संबंधी अपराधो की रोकथाम हेतु क्राइम ब्रांच फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीमों को लगाया गया है ।

क्राईम ब्रांच इंदौर की फ्रॉड इंन्वेस्टीगेशन सेल की टीम द्वारा आवेदको से फ्राड की संपुर्ण जानकारी लेकर जांच की जिसमे ज्ञात हुआ कि (1).आवेदक श्रीकांत निवासी इंदौर को अनजान ठग द्वारा आवेदक के IDFC bank के क्रेडिट कार्ड पर फर्जी ऑफर्स बताते हुए कार्ड प्रोटेक्शन एवं मेडिक्लेम इंश्योरेंस करने का झूठ बोलकर आवेदक के क्रेडिट कार्ड एवं OTP की जानकारी प्राप्त करते हुए ठग द्वारा आवेदक के क्रेडिटकार्ड से 1,80,000/– रुपए आहरित कर उक्त आहरित राशि को अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर करते हुए ठगी की गई, जिसपर क्राइम ब्रांच द्वारा तत्काल संबंधित बैंको से संपर्क कर आवेदक की आहरित राशि सकुशल रिफंड कराई गई।

(2).आवेदक शिवम के द्वारा olx के मध्यम से संपर्क करते हुए अंजान अनावेदक कुणाल बडोला निवासी नागपुर, महाराष्ट्र वर्तमान निवासी इंदौर से मित्रता हुई, और आवेदक, अनावेदक एक साथ रूम पार्टनर बनकर रहने लगे, अनावेदक कुणाल के द्वारा स्वयं को श्रीराम फाइनेंस बैंक का कर्मचारी बताते हुए, आवेदक को कार डिस्काउंट में दिलाने का झूठ बोलते हुए 1,68,500/– रू प्राप्त कर, रूम छोड़ते हुए फरार हो गया, जिसपर क्राइम ब्रांच टीम द्वारा आवेदक से ट्रांजेक्शन की डिटेल्स लेकर अनावेदक कुणाल बडोला निवासी नागपुर, महाराष्ट्र के Axis Bank में हुए ट्रांसफर पैसे को आवेदक के खाते में सकुशल वापस करवाए।

(3).आवेदिका निकिता के द्वारा अपने SBI bank अकाउंट से पिताजी को 1,75,000/– रू ट्रांसफर करते वक्त गलती से किसी अनजान व्यक्ति के बैंक में ट्रांसफर हो गए, आवेदिका के द्वारा प्रयास करने पर अनावदेक से पैसे प्राप्त न होने पर, अवदिका के द्वारा साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की गई, जिसपर क्राइम ब्रांच टीम द्वारा आवेदिका से ट्रांजेक्शन की जानकारी प्राप्त कर, आवेदिका के 1,75,000 रू स्वयं के बैंक खाते में सकुशल वापस कराए गए।

इस प्रकार क्राइम ब्रांच इंदौर की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम द्वारा सायबर हेल्पलाइन पर प्राप्त कुल 03 शिकायतों में 5,23,500/– रुपए सकुशल वापस कराए गए। आवेदकों के द्वारा इतनी बड़ी राशि सकुशल प्राप्त होने पर क्राइम ब्रांच इंदौर की कार्यप्रणाली की प्रशंसा करते हुए पूरी टीम को धन्यवाद दिया।

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आमजन को सूचित किया जाता है की अंजान व्यक्ति पर जल्दबाजी में भरोसा न करे, ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग भी सावधानी पूर्वक करे अन्यथा आप ठगी का शिकार हो सकते हो एवं इस तरह की घटना होने पर सूचना तुरंत अपने नजदीकी थाने पर दे या क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस द्वारा संचालित सायबर हेल्पलाइन नं. 704912-4445 पर सूचित करे।