भारत की कड़ी प्रतिक्रिया, कहा- करतारपुर कॉरिडोर पर कंफ्यूज है पाक

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नई दिल्ली। पाकिस्तान में 9 नवंबर को करतारपुर गलियारे का उद्घाटन होना है। इसको लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि पाक आने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट लाने के जरूरत नहीं होगी, लेकिन भारत द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने पर पाकिस्तान ने कहा कि श्रद्धालुओं को पासपोर्ट लाना अनिवार्य होगा। इसको लेकर विदेश मंत्रालय ने गुरूवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस कर कहा कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान कन्फ्यूज है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘पाकिस्तान से आने वाली रिपोर्ट भ्रमित करने वाली हैं। पहले वह कहते हैं कि पासपोर्ट की जरूरत नहीं है। फिर कहते हैं कि अब जरूरत होगी। हमें लगता है कि उनकी एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के बीच काफी मतभेद हैं। हमने करतारपुर कॉरिडोर को लेकर एक एमओयू किया है। ये बदल नहीं सकता। इसके अनुसार पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी।’

प्रवक्ता ने कहा, ‘हम ये बात अच्छी तरह जानते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच एक डॉक्यूमेंट साइन किया गया है। इसमें साफ तौर पर लिखा है कि श्रद्धालुओं को दस्तावेज लेकर आने होंगे। ऐसे में इस समझौते में लिखी बातों को एकतरफा तरीके से हटाया नहीं जा सकता। इसके लिए पहले दोनों पक्षों को सहमत होना होगा।’

भिंडरावाले के वीडियो पर भी दी प्रतिक्रिया

पाकिस्तान द्वारा जारी वीडियो में खालिस्तानी विद्रोही जरनैल सिंह भिंडरावाले को दिखाए जाने पर रवीश कुमार ने कहा कि यात्रा के समय पाकिस्तान की ओर से किए गए इस कृत्य की हम भर्त्सना करते हैं। हमने इसका कड़ा विरोध भी जताया है। भारत ने पाकिस्तान के साथ हुई बातचीत में साफ कर दिया है कि भारत विरोधी चीजों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम मांग करते हैं कि इस आपत्तिजनक वीडियो और प्रिंट मटीरियल को तुरंत हटाया जाए।

नेपाल की आपत्ति पर भी दी प्रतिक्रिया

भारत द्वारा जारी किए गए नए मानचित्र में कालापानी को भारत का हिस्सा बताने पर नेपाल द्वारा उठाई गइ्र आपत्ति को लेकर रवीश कुमार ने कहा कि हमारे नक्शे में भारत के सभी क्षेत्रों का सटीक चित्रण किया गया है। नए नक्शे में नेपाल के साथ हमारी सीमा संशोधित नहीं है।

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