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उद्योगों में काम शुरू, कोरोना गाइडलाइन का पालन करवाने के लिए अधिकारी नियुक्त

इंदौर। लाॅकडाउन के बीच प्रशासन ने शहर में आर्थिक अतिविधि की अनुमति दे दी है। ऐसे में सावेंर रोड से लेकर इलेक्ट्राॅनिक काॅम्प्लेक्स और अन्य स्थानों पर उद्योग शुरू किए जा चुके हैं। ऐसे में हैं कि इन स्थानों पर प्रशासन की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए कलेक्टर ने अधिकारियों की नियुक्ति भी की है। ये अधिकारी औद्योगिक इकाईयों में लगातार निरीद्वाण कर शर्तों का पालन कराएंगे।

अभी शहर में दिन में काफी हलचल बढ़ गई है और सड़कों पर जाम की स्थिति भी निर्मित होने लगी। इसका एक कारण यह भी है कि आधे रास्ते बेरिगेट्स लगाकर बंद भी कर रखे हैं। वहीं 29 गांवों के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों को भी अनुमतियां दे दी गई हैं, लेकिन इन अनुमतियों और लॉकडाउन में दी गई छूट के चलते कोरोना संक्रमण भी बढ़ेगा। इसका अंदेशा प्रशासन को है। यही कारण है कि धीरे-धीरे कर छूट दी जा रही है। वहीं सभी अनुमतियों के साथ कोरोना संक्रमण की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की शर्त भी लगाई जाती है। इसका पालन ना करने पर दी गई अनुमति को निरस्त किया जाता है और कलेक्टर ने पूर्व में कई उद्योगों को बंद भी करवाया। अब कल एक आदेश जारी कर सभी औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए और उन्हें इन क्षेत्रों के उद्योगों में कोरोना संक्रमण रोकने के निर्देशों का पालन करवाना है। उसके आदेश जारी किए गए हैं। कलेक्टर मनीष सिंह के मुताबिक अभी औद्योगिक इकाइयों को अपना काम शुरू करने की लगातार अनुमतियां दी जा रही है, जिसमें कार्यरत श्रमिकों और अन्य स्टाफ के लिए गाइडलाइन भी तय है, लेकिन इसका पालन हो रहा है या नहीं ये अब अधिकारी देखेंगे। सांवेर रोड सेक्टर ए से एफ का जिम्मा संयुक्त उद्योग संचालक एचआर मुजाल्दा को सौंपा गया है। वहीं औद्योगिक क्षेत्र लक्ष्मीबाई नगर और पोलोग्राउंड की जिम्मेदारी मुख्य महाप्रबंधक एमपीआईडीसी क्षेत्रीय कार्यालय यूके तिवारी को दी गई है। इसी तरह कुर्मेर्डी, बरदरी और देवास नाका की जिम्मेदारी मुख्य महाप्रबंधक एमपीआईडीसी राजेन्द्र कुमार भंवर, वहीं इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स, रेडिमेड गारमेंट कॉम्प्लेक्स, पालदा और नेमावर रोड की जिम्मेदारी महाप्रबंधक एमपीआईडीसी के राजेश भारती को और योजना क्र. 71, रामबलि नगर और पिपल्याराव की जिम्मेदारी प्रबंधक एमपीआईडीसी आनंद टेम्भरे को सौंपी गई है। ये सभी अधिकारी अपने क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में यह देखेंगे कि कार्यरत श्रमिकों के बीच कम से कम दो मीटर की दूरी हो। अनिवार्य रूप से काम करते समय और बातचीत के समय श्रमिकों द्वारा मास्क लगाया जाए। सभी औद्योगिक इकाइयों में हैंडवॉश की उपयुक्त व्यवस्था हो और कार्यरत व्यक्तियों को उपयोग के लिए सेनिटाइजर है या नहीं इन सभी बिन्दुओं का निरीक्षण कर उसका पालन करवाएंगे और पालन ना होने पर संबंधित के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजेंगे।

मरीजों का नाम ना उजागर करने पर हाईकोर्ट भी सहमत

अभी नई गाइडलाइन के मुताबिक पिछले कई दिनों से कोरोना पॉजिटिव मरीजों के नाम, पते उजागर नहीं किए जा रहे हैं। ना तो वेबसाइट पर और ना ही मीडिया को नाम बताए जा रहे हैं। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि आसपास के लोगों में डर और घबराहट का माहौल ना रहे। इस मुद्दे पर जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने भी शासन-प्रशासन के इस निर्णय को उचित माना और कहा कि केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के आधार पर ही प्रदेश सरकार ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों के नाम ना उजागर करने का निर्णय लिया है, जो उचित है। वहीं जनहित में याचिका लगाने वाले पर 25 हजार रुपए जुर्माने की चेतावनी भी दी, जिसके चलते याचिकाकर्ता ने वापस ले ली।.

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