मकर संक्रांति 2026 के बाद राज्य सरकार के मंत्रिमंडल के साथ-साथ भाजपा के प्रदेश संगठन में भी व्यापक फेरबदल की संभावना है। नगरीय निकायों सहित राज्य शासन के अधीन निगमों, आयोगों और बोर्डों में पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियाँ देने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
पंचायत से विधानसभा तक, तीन बड़े चुनावों पर फोकस
पार्टी सूत्रों के अनुसार, 1 मार्च से प्रदेश भाजपा संगठन और राज्य सरकार की कार्यशैली पूरी तरह चुनावी मोड में आ जाएगी। आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, विधान परिषद की शिक्षक एवं स्नातक कोटे की 11 सीटों के चुनाव और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते हुए पार्टी निरंतर कार्यक्रमों और गतिविधियों को आगे बढ़ाएगी। 1 मार्च से गठित होने वाली प्रदेश भाजपा की नई टीम इन सभी चुनावों की रणनीति और तैयारियों में सक्रिय रूप से जुट जाएगी।
प्रदेश भाजपा की नई कार्यकारिणी पर मंथन तेज
इसके अलावा मंत्रिमंडल में फेरबदल और प्रदेश भाजपा की नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया 15 जनवरी से 28 फरवरी के बीच पूरी करने की योजना बनाई जा रही है।
मकर संक्रांति के बाद नियुक्तियों की प्रक्रिया होगी शुरू
मकर संक्रांति के पश्चात सबसे पहले राज्य के विभिन्न निगमों, आयोगों और बोर्डों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यों के खाली पदों पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर नगरीय निकायों में पार्षदों और सभासदों के मनोनयन की तैयारी की जा रही है। इस चरण में प्रदेशभर से करीब 2,805 भाजपा नेता और कार्यकर्ता नगर निकायों के माध्यम से समायोजित किए जाने की संभावना है।








