मध्य प्रदेश

टू व्हीलरों से भी होगी बिजली बिलों की वसूली

इंदौर। बिजली कंपनी ने बिलों की वसूली के लिए विशेष योजना बनाई है। अब ग्रामीण क्षेत्र एवं चुनिंदा शहरी क्षेत्र में टू व्हीलर से भी बिजली बिलों की वसूली की जाएगी। बिजली कंपनी के एप पर देखकर परिचय पत्रधारी युवा बिलों की वसूली करेंगे, हाथों हाथ ई रसीद भी देंगे। इससे बिजली कंपनी को बकाया बिलों विशेषकर रियायती दरों के बिजली बिलों की वसूली में आसानी होगी।

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक विकास नरवाल ने यह जानकारी सोमवार को वीडियो कान्फ्रैंस के दौरान दी। मालवा-निमाड़ के सभी 15 जिलों के अधिकारियों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि घरेलू एवं कृषि क्षेत्र के बिल ज्यादातर रियायती दरों वाले हैं, ऐसे बिलों की शत प्रतिशत वसूली के लिए अब टू व्हीलरों से भी काम प्रारंभ किया जाएगा। कालोनी व गांव के युवा को संबंधित बिजली जोन या वितरण केंद्र पर पंजीबद्ध किया जाएगा, उसे बिजली कंपनी के एप से जोड़ा जाएगा, इस एप पर उपभोक्ताओं के बिलों की राशि व पूरे बिल दिखाई देंगे, यह युवा अपने टू व्हीलर व परिचय पत्र के साथ उपभोक्ताओं के घर घर जाकर बिजली बिलों की राशि प्राप्त करेगा, हाथों हाथ मोबाइल से ई रसीद भी देगा।

शाम को ये युवा रोज के बिलों की प्राप्त राशि बिजली कंपनी के स्थानीय दफ्तर में जमा कर देगा। प्रबंध निदेशक नरवाल ने बताया कि इस तरीके से न केवल युवा को रोजगार मिल पाएगा, बल्कि बिजली कंपनी के बकाया बिलों की घर-घर जाकर तेजी से वसूली भी हो सकेगी। कंपनी का प्रयास हैं कि वर्तमान में कंटेंमेंट एरिया को छोड़कर सभी नगरों में एवं करीब तीन हजार पंचायतों में इस तरह की गतिविधियां संचालित की जाए। इस कान्फ्रैंस में निदेशक मनोज झंवर, कार्यपालक निदेशक गजरा मेहता, संजय मोहासे, अशोक शर्मा, श्री डीएन शर्मा ने भी विचार रखे।

एमवाय अस्पताल में बिजली की ट्रीपल लाइन

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इंदौर के एमवाय अस्पताल संकुल के लिए ट्रीपल लाइन की व्यवस्था की है। शहर अधीक्षण यंत्री अशोक शर्मा ने बताया कि प्रबंध निदेश विकास नरवाल ने इसके पिछले सप्ताह निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया कि पुराने केईएच हास्पिटल फीडर, मनोरमागंज फीडर से डबल लाइन की व्यवस्था पहले ही थी। अब तीसरी लाइन का इंतजाम साउथ ग्रिड से किबे कंपाउंड होकर किया गया है। आंधी-तूफान व तेज बारिश के दौरान एक फीडर के फाल्ट होने से अब अस्पताल के लिए अन्य फीडर से तत्काल सप्लाय दी जा सकेगी।