मध्य प्रदेश

इंदौर में कम हुई कोरोना की रफ़्तार, मृत्यु दर 7 फीसदी घटी

इंदौर। इंदौर में बहल ही रोजाना बड़ी मात्रा में मरीज सामने आए हो लेकिन प्रशासन का मानना है कि शहर में कोरोना की रफ़्तार कम हुई है। इसके साथ ही मृत्यु दर भी 7 फीसदी घटी है। लॉकडाउन और कर्फ्यू में मिलने वाली छोट के बाद संक्रमण का खतरा बढ़ने की बात कही जा रही है, तो प्रशासन ने इससे निपटने की भी तैयारी कर ली है। शहरी घनी बस्तियों में संक्रमण ना फैले इस पर अधिक सतर्कता बरती जाएगी और इंसीडेंट कमांडर भी नियुक्त किए जा रहे हैं।

शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या हालांकि कम नहीं हुई है और जितना संक्रमण फैला उसके मुताबिक मरीज मिल रहे हैं, लेकिन शहर के जहां नए क्षेत्रों में मरीज मिलने का सिलसिला जारी है तो मृत्यु दर का आंकड़ा पहले से बहुत सुधर गया है। संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी के मुताबिक पहले इंदौर में 11 प्रतिशत तक मृत्यु दर थी, जिसमें 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ गई और अब यह 3.86 प्रतिशत रह गई है। आने वाले दिनों में इसमें और भी कमी होगी। इसके साथ डेथ ऑडिट भी किया जा रहा है और कोरोना से हुई मृत्यु के सभी प्रकरणों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लग सके कि किन-किन मरीजों की मौत के क्या कारण रहे।

संभागायुक्त के मुताबिक कोरोना पॉजिटिव मरीजों में वायरस की तीव्रता भी कम आंकलित की गई है, जोकि एक अच्छी सकारात्मक बात है। मेडिकल कॉलेज के मेडिसीन विभागाध्यक्ष डॉ. वीपी पांडे के मुताबिक इंदौर में एनआरबी यानी नॉन रिब्रिथर मास्क का उपयोग मरीजों को ऑक्सीजन देने में किया जा रहा है, जिसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। शासन ने अभी मरीजों को डिस्चार्ज करने की जो गाइडलाइन जारी की है उसका पालन करने के भी निर्देश संभागायुक्त ने डीन, मेडिकल कॉ़लेज, स्वास्थ्य विभाग के साथ सभी अस्पतालों को दिए हैं।

अब संजीवनी ओपीडी भी शुरू की जा रही है और शहरी क्षेत्रों की बस्तियों में अधिक संक्रमण ना फैले उसके लिए इंसीडेंट कमांडर की नियुक्ति की जाएगी, जो कि स्वास्थ्य से लेकर अन्य विभागों के अधिकारियों के बीच कॉर्डिनेशन कर लगातार रिपोर्टिंग करेंगे। मैदानी दलों को संदिग्धों की पहचान की स्टिंग, कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग की भी लगातार ट्रेनिंग दी जा रही है और अभी लॉकडाउन-कर्फ्यू में दी जाने वाली छूट उद्योगों-बाजारों को खोलने के साथ ही संक्रमण बढ़ने का भी खतरा है और आने वाले दिनों में पॉजिटिव मरीजों की संख्या भी बढ़ेगी। इसके लिए प्रशासन ने तैयारी कर ली है।

400 बिस्तरों का एमवाय के पीछे सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल माह अंत तक तैयार हो जाएगा, वहीं फीवर क्लीनिक भी 45 शुरू किए जा रहे हैं। अभी चूंकि 90 फीसदी कोरोना पॉजिटिव मरीज बिना लक्षण वाले मिल रहे हैं और उनके घर में अगर आइसोलेशन की सुविधा है, तो ऐसे मरीजों का इलाज अस्पताल की बजाय घरों में ही करवाया जाएगा। भोपाल में हुई समीक्षा में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भी जानकारी दी कि इंदौर सहित प्रदेश में 1391 फीवर क्लीनिक शुरू हो गए हैं और 42 हजार से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से 30 हजार से अधिक को होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई और 6 हजार से ज्यादा ये कोरोना टेस्ट करवाए गए हैं।

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