मध्य प्रदेश

इंदौर की स्थिति में सुधार, 30 दिन तक पहुंची कोरोना मरीजों की दोगुनी दर

इंदौर। इंदौर में भले ही कोरोना संक्रमित मिलने में कमी नहीं आ रही हो लेकिन फिर भी इंदौर की स्थिति में सुधार हो रहा है। शहर में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 3182 तक पहुंच गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री से लेकर प्रशासन तक का कहना है कि इंदौर में जहां मृत्यु दर घटी और तेजी से मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। पूरे देश की तुलना में कोरोना मरीजों की संख्या दुगनी होने का प्रतिशत भी बढ़ गया। अब लगभग 30 दिनों में मरीज दुगने हो रहे हैं, जबकि अन्य शहरों में यह 15 से 21 दिन का है।

एक तरफ कर्फ्यू और लॉकडाउन में ढील दी जा रही है, जिसके चलते दिन में शहर की सड़कों पर अब यातायात भी बढ़ गया है। वहीं आज से सरकारी दफ्तर खोलने के भी आदेश कलेक्टर ने जारी कर दिए। हालांकि 50 प्रतिशत ही कर्मचारी आएंगे। दूसरी तरफ इंदौर में मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। वहीं मुख्यमंत्री ने भी समीक्षा की, जिसमें उन्होंंने इंदौर में तेजी से हालात सुधरने की बात दोहराई और राष्ट्रीय औसत से इंदौर की तुलना करते हुए बताया कि कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आई। वहीं स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और मृत्यु दर को भी काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया है।

इंदौर में वर्तमान में 3.6 प्रतिशत मृत्यु दर है, जो कि मध्यप्रदेश के अन्य शहरों की 4.1 प्रतिशत से कम है, लेकिन यह दर भी रोजाना तेजी से घट रही है। वहीं डबलिंग रेट यानी दो गुनी संख्या होने के दिनों में भी अब इजाफा हो रहा है। देशभर में यह दर 15 से लेकर 21 तक है। यहां तक कि प्रदेश के ही भोपाल, उज्जैन और अन्य शहरों में यह दर फिलहाल 21 दिन की बताई गई है, जबकि इंदौर में यह 30 दिन तक पहुंच गई है।

कलेक्टर मनीष सिंह का भी कहना है कि मरीज भले ही रोजाना मिल रहे हैं मगर उनकी दर लगातार कम हो रही है। जितना संक्रमण फैला उसकी तुलना में मरीज तो मिलेंगे। वहीं अब धीरे-धीरे आर्थिक गतिविधियों को शुरू करवाया जा रहा है। इसके चलते भी पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ेगी और यह डब्ल्यूएचओ के साथ सभी विशेषज्ञ भी स्पष्ट कह रहे हैं। दूसरी तरफ इंदौर में चिकित्सा सुविधा भी लगातार बढ़ाई जा रही है। 15 जून तक 500 बिस्तरों का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एमवाय के पीछे शुरू कर दिया जाएगा। दूसरी तरफ इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च की टीम भी इंदौर पहुंची और कम्युनिटी स्ट्रेड यानी सामुदायिक संक्रमण की जांच शुरू करते हुए 500 नमूने अलग-अलग स्थानों से लिए गए। इससे पता चलेगा कि इंदौर में अभी सामुदायिक संक्रमण के साथ-साथ कोरोना वायरस की क्या स्थिति है।

दूसरी तरफ कोरोना को लेकर नित नए दावे भी सामने आते रहे हैं। वैक्सीन और दवाई के अलावा कोरोना मरीजों की संख्या जून-जुलाई में तेजी से बढऩे की बात भी की जा रही है। वहीं इंदौर के ही देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के डाटा फॉर कॉस्टिंग विभाग के एचओडी डॉ. विजय बाबू गुप्ता और उनके विद्यार्थियों का दावा है कि 99 प्रतिशत तक कोरोना संक्रमित मरीज जुलाई के दूसरे हफ्ते तक सामने आ जाएंगे। इसके बाद संख्या तेजी से कम होगी। प्रदेश में भी जून अंत तक संख्या बढ़ेगी और फिर 11 जुलाई के बाद घटना शुरू होगी। हालांकि नवम्बर-दिसम्बर तक मरीज सामने आते रहेंगे, क्योंकि वायरस पूरी तरह खत्म नहीं होगा। उन्होंने यह स्टडी इंडियन मेडिकल काउंसिल के अलावा अन्य आंकड़ों के आधार पर की है।

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