मध्य प्रदेश

29 गांवों में सभी निर्माण कार्यों को मंजूरी, जल्द इंदौर को भी मिलेगी

इंदौर। कोरोना के खतरे के बीच अब देश में आर्थिक गतिविधियां शुरू हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि अब जान के साथ जहां भी बचाना है। वहीँ हेल्थ एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि कोरोना का वैक्सीन इतनी जल्दी नहीं आने वाला है, अब हमें कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी होगी।

इसी को ध्यान में रखते हुए शासन-प्रशासन धीरे-धीरे आर्थिक गतिविधियां शुरू कर रहे है। प्रशासन ने सभी तरह के निर्माण कार्यों को 29 गांवों में शुरू करने की मंजूरी दे दी है। बिल्डर-कालोनाइजर अपने ठप पड़े निर्माणों को शुरू कर सकेंगे। वहीं साइट पर ही मजदूरों के रहने की व्यवस्था करने में भी रियायत दी गई है। साइट के आसपास भी मजदूरों के रहने-खाने की व्यवस्था की जा सकेगी। रियल इस्टेट कारोबारियों की सबसे बड़ी संस्था क्रेडाई संस्था के साथ हुई बैठक के बाद कलेक्टर ने निर्माण कार्यों को शुरू करने की अनुमति जारी कर दी।

अभी निगम, प्राधिकरण के ठप पड़े कामों को ही मंजूरी दी गई थी, मगर अब निजी निर्माण कार्यों को भी मंजूरी 29 गांवों में दी गई है। वैसे भी रियल इस्टेट के ज्यादातर प्रोजेक्ट इन 29 गांवों में ही चल रहे हैं। लगभग 150 से अधिक हाईराइज बिल्डिंग, आवासीय टाउनशिप व कमर्शियल प्रोजेक्ट ठप पड़े हैं। हालांकि मजदूरों की परेशानी भी आएगी और सेनेटरी, हार्डवेयर से लेकर अन्य गतिविधियां भी शुरू करना पड़ेगी। कलेक्टर मनीष सिंह ने 29 गांवों में सरकारी और अशासकीय निर्माण कार्यों को मंजूरी दी है और क्रेडाई दिल्ली द्वारा निर्माण के दौरान कोरोना संक्रमण के चलते सुरक्षा मापदण्डों पर स्टैंडर्ड, ऑपरेशन प्रोसिजर यानी एसओपी जारी की है। उसका सभी बिल्डर-कालोनाइजरों को अनिवार्य रूप से पालन करना पड़ेगा।

29 गांवों को छोड़कर शेष क्षेत्र में भी जहां बेसमेंट निर्माण कार्यों के तहत खुले हैं, उन्हें बारिश के पूर्व पूर्ण करना होगा और निगम सीमा के अंदर इन गांवों में सभी तरह के निर्माण कार्यों को छूट दी गई है और शेष बचे निगम सीमा क्षेत्र में 5 हजार वर्गफीट या इससे अधिक की भूमि-भूखंडों पर जो निर्माण कार्य रूके हैं ऐसे निर्माण कार्यों तथा तलघर के कार्यों की सूची इंदौर क्रेडाई के अध्यक्ष तैयार कर प्रशासन को सौंपेंगे, जिस पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा। 29 गांवों को छोड़कर शेष अन्य क्षेत्रों में अशासकीय निर्माण प्रतिबंधित रहेगा और केवल वे ही निर्माण शुरू हो सकेंगे जिन्हें कलेक्टर द्वारा किसी आदेश विशेष में अनुमति दी गई हो।

बिल्डर-कालोनाइजरों को निर्माण शुरू करने पर अपने लेटरहेड पर कर्मचारियों को प्रमाण-पत्र जारी करना होगा, जो कफ्र्यू पास के रूप में इस्तेमाल होगा और मजदूरों की सुरक्षा और उनकी व्यवस्था भी करना होगी। कलेक्टर के मुताबिक साइड की बजाय आसपास भी मजदूरों की व्यवस्था की जा सकती है, क्योंकि सभी साइडों पर मजदूरों के रहने की सुविधा संभव नहीं है।

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