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श्री वैष्णव पॉलीटेक्निक इंस्टीट्यूट की पहल, विद्यार्थियों को मिल रहा ई-प्लेसमेंट

इंदौर। श्री वैष्णव पॉलीटेक्निक इंस्टीट्यूट ने लगातार 325 से ज्यादा ऑनलाइन कक्षाओं को लेकर अपने अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का भविष्य संवारने का अद्भुत प्रयास किया। उल्लेखनीय है कि संस्था ने पूर्व में भी परीक्षाओं का भी ऑनलाइन संचालन किया था और तो और अपने तीन कर्मचारियों को भी ऑनलाइन सेवानिवृत्ति कार्यक्रम कर विदा किया था। इतनी आनलाइन कक्षाएं आयोजित करने वाला म.प्र. में अग्रणी पॉलीटेक्निक महाविद्यालय बन गया है।

आज की भयावह परिस्थितियों को देखकर यहां ऑनलाइन कैंपस के माध्यम से विद्यार्थियों का नियोजन भी किया जा रहा है। वर्तमान में जॉन-डिअर, सिप्ला, रोंच पॉलीमर, वी-टेक्नोलॉजी, आनंद ग्रुप जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं इंटरव्यू की प्रक्रिया चल रही है। प्राचार्य डॉ सोढ़ानी ने बताया कि ट्रेनिंग प्लेसमेंट ऑफिसर श्री गुप्ता और टीम लगातार कंपनियों से संपर्क में है। कंपनियों के अधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में डिप्लोमा इंजीनियर की आवश्यकता आने वाली है और आगे भी नियोजन की प्रक्रिया ऑनलाइन ही होगी।

सब से बड़ी सकारात्मक बात यह है कि संस्थान के शिक्षक कर्मचारियों को माह जनवरी से ही आज तक वेतन नहीं मिला है। कॉलेज प्राचार्य डॉ राजेश सोढानी ने बताया कि लॉक डाउन के चलते माह मार्च में आने वाली ग्रांट अभी तक शासन से प्राप्त नही हुई है, आशा है जल्द ही प्राप्त होगी। उल्लेखनीय है कि यह संस्था शासन की अनुदान प्राप्त संस्था है। वर्तमान में जब कोरोना के कारण हर व्यक्ति अपने परिवार को लेकर काफी चिंतित है ऐसी परिस्थितियों मैं प्राचार्य डॉ सोढानी ने बताया कि हम सभी एक परिवार की तरह रहकर जहाँ अपने जरूरत मंद साथियों की यथा सम्भव व्यक्तिगत मदद करने का प्रयास कर रहे है वही दूसरी ओर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी हर संभव योगदान दे रहे है।
डॉ सोढ़ानी ने बताया कि इस संस्था की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष माननीय कलेक्टर जिला इंदौर एवं सोसयटी के अध्यक्ष माननीय कमिश्नर इंदौर संभाग होने से हम सभी शिक्षक कर्मचारियों पर जिम्मेदारी है कि हम तकनीकी शिक्षा में प्रदेश में अग्रणी भूमिका निभायें।

आगामी परीक्षाओं के सम्बंध में भी संस्थान ने आरजीपीवी को अपने सुझाव भेजे है जिसमें विद्यार्थी अभी जहां भी निवासरत है उसे उसके सबसे निकट महाविद्यालय में जाकर परीक्षा देने की सुविधा दी जाये। केवल अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा ली जाये। विद्यार्थियों को अटेंडेंस के कारण परीक्षाओं से वंचित न किया जाए । ऑनलाइन असाइनमेंट देकर उसकी पूर्ति की जाये। प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की या तो आगे आने वाले समय दोनों सेमेस्टर की परीक्षाएं साथ कि जाये या पिछले प्रदर्शन के 50% मार्क्स और वर्तमान में आंतरिक मूल्यांकन के 50% मार्क्स के आधार पर परिणाम घोषित किया जाये। संस्था के छात्र शाखा प्रभारी श्री महाजन के मार्गदर्शन में सॉफ्टवेयर द्वारा विद्यार्थियों का विस्तृत डेटा के संकलन के साथ परीक्षा फॉर्म भी ऑनलाइन लेना प्रारंभ हो गया है।