मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक नई खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग अब पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर कर्मचारी संगठनों से फिर से बातचीत करने की तैयारी कर रहा है।
राज्य में 2016 से पदोन्नति में आरक्षण का मामला लंबित है, जिसके कारण पिछले 7 वर्षों से पदोन्नतियां रोक दी गई हैं। इसके चलते कई कर्मचारी बिना पदोन्नति के रिटायर हो चुके हैं, और कई इस साल रिटायर होने वाले हैं। सरकार ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब सामान्य प्रशासन विभाग विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा करेगा। यदि कोई समाधान निकलता है, तो महाधिवक्ता से परामर्श लेकर सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए आवेदन किया जाएगा। इसी तरह, ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का मामला भी लटका हुआ है। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इन मुद्दों का समाधान कब तक निकालती है।

इसके अलावा, मध्य प्रदेश में 24 और 25 फरवरी को होने वाले ग्लोबल इंवेस्टर समिट के चलते, भोपाल के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टरों और कर्मचारियों की छुट्टियां 25 फरवरी तक रद्द कर दी गई हैं। राज्य सरकार ने अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने का आदेश दिया है।