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आर्थिक पैकेज : आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन करेगी सरकार, किसानों को होगा लाभ

नई दिल्ली। कोराना संकट के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसानों और पशुपालन से जुड़े वर्ग के लिए आर्थिक पैकेज में से किस्त जारी की। इस दौरान उन्होंने कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों को लेकर कई एलान किए। साथ ही किसानों की बेहतरी के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन की बात भी कही है।

नहीं लागू होगी भंडारण सीमा

सीतारमण ने कहा कि वर्ष 1995 में यह एक्ट बनाया गया था। जिसमें अब सरकार संशोधन करने जा रही है। इस एक्ट से अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दालों आलू और प्याज को नियमन मुक्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस एक्ट में संशोधन से प्रसंस्करण करने वालों और मूल्य श्रंखला के अन्य भागीदारों पर भंडारण सीमा लागू नहीं होगी। हालांकि राष्ट्रीय आपदा और भुखमरी जैसी आपदाओं में भंडारण की सीमा रहेगी।

किसानों की आय में होगी वृद्धि

सीतारमण के मुताबिक आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन किए जाने से खाद्य प्रसंस्करण में स्टॉक की लिमिट नहीं होगी। जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। तिलहन, दलहन, आलू प्याज जैसे उत्पादों को अनियमित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय आपदा या भुखमरी के दौरान दामों में 100 फीसदी वृद्धि होगी तो भी स्टॉक नियम लागू किया जाएगा।

इस दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि लाॅक डॉउन की अवधि में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद के लिए सरकार ने 74 हजार 300 करोड रुपए भी जारी किए हैं। पीएम किसान फंड के तहत 18700 करोड रुपए बीते 2 माह में किसानों के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं।

लाई जाएगी एक लाख करोड़ रुपए की योजना

सीतारमण ने बताया कि कृषि आधारभूत ढांचे के लिए सरकार एक लाख करोड़ रुपए की योजना लाने जा रही है। जिसके तहत कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे। इस कदम से भंडारण क्षमता बढ़ेगी और किसानों की आय भी बढ़ेगी। सरकार के इस कदम का लाभ किसान संघ उद्यमियों और स्टार्टअप को मिलेगा।