Share Market: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। वैश्विक मंदी की आशंकाओं के चलते निवेशकों ने बड़ी मात्रा में बिकवाली की। इस दबाव के चलते सेंसेक्स 920 अंकों की गिरावट के साथ 1.21% टूटकर 75,375 के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 दोपहर तक 350 अंक यानी 1.51% गिरकर 22,899 पर कारोबार करता नजर आया।
टैरिफ के तीर से हिली दुनिया की अर्थव्यवस्था
इस गिरावट का असर व्यापक बाजारों पर और भी गहराई से महसूस किया गया। निफ्टी मिडकैप 100 में 3% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान 3.58% तक नीचे लुढ़क गया। इससे पिछले दो कारोबारी सत्रों में बनी तेजी की रफ्तार थम गई। आइए अब समझते हैं कि इस तेज गिरावट के पीछे कौन-कौन से प्रमुख कारण रहे।

मेटल कंपनियों के शेयरों को लगा झटका
मेटल शेयरों पर बिकवाली का दबाव इतना भारी रहा कि हिंडाल्को, नाल्को, वेदांता और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे प्रमुख स्टॉक्स में 5% तक की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट उस आशंका से जुड़ी थी कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित व्यापक टैरिफ के चलते वैश्विक स्तर पर इंडस्ट्रियल कमोडिटीज की मांग कमजोर पड़ सकती है। इसके चलते ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लागत बढ़ने और महंगाई को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी हो गई हैं।
इन कंपनियों के स्टॉक्स में आई सुनामी
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लागू करने की घोषणा ने वैश्विक स्तर पर ट्रेड वॉर की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है। इसका सीधा असर निवेशकों की भावनाओं पर पड़ा, जिससे बाजार का भरोसा डगमगाया। शेयर बाजार में गिरावट इतनी व्यापक रही कि लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में नजर आए। खास तौर पर आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर के शेयरों को सबसे अधिक नुकसान झेलना पड़ा।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 9.47 लाख करोड़ रुपये घटकर 403.86 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। इस गिरावट भरे माहौल में 2,496 कंपनियों के शेयरों में नुकसान दर्ज किया गया, जबकि केवल 834 कंपनियों के स्टॉक्स बढ़त में रहे और 116 में कोई बदलाव नहीं देखा गया। टाटा स्टील, हिंडाल्को, सिप्ला, ओएनजीसी और टाटा मोटर्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी दबाव रहा, जिनमें से कई में 7% तक की गिरावट दर्ज की गई।
फार्मा स्टॉक्स की सेहत बिगड़ी
डोनाल्ड ट्रंप ने फार्मास्यूटिकल सेक्टर पर जल्द टैरिफ लगाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने हाल ही में बयान दिया कि फार्मा इंडस्ट्री पर ऐसे टैरिफ लागू किए जाएंगे, जो अब तक कभी नहीं देखे गए। ट्रंप ने इस सेक्टर को एक अलग श्रेणी में रखने की बात कही है, जिसके लिए औपचारिक घोषणा जल्द की जा सकती है। उनके इस बयान के बाद फार्मा इंडेक्स में 4.5% से अधिक की तेज गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही, ग्लोबल बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी इस गिरावट को और गहरा किया।
बाजार पर मंडराए ट्रेड वॉर के बादल
डोनाल्ड ट्रंप ने 180 से अधिक देशों पर टैरिफ लगाकर वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मचा दी है। उन्होंने सभी देशों पर 10% का बेसलाइन टैरिफ लागू किया है, जिसके साथ-साथ एक अलग रेसिप्रोकल टैरिफ भी जोड़ा गया है। भारत पर अमेरिका ने 26% का डिस्काउंटेड टैरिफ लगाया है, जबकि चीन, यूरोपीय यूनियन, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, ताइवान और जापान जैसे देशों पर 20% से 46% तक का ऊंचा टैरिफ लगाया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ अन्य देशों की ओर से जवाबी कदम उठाए जा सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार युद्ध की स्थिति बन सकती है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ने की आशंका है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार का मानना है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का दौर बना रहेगा और निकट भविष्य में हालात में बदलाव की संभावना कम है।