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कोरोना वायरस स्त्रीलिंग है या पुल्लिंग? भाषाविदों ने बताया असली सच!

नई दिल्ली : पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है. इस वायरस की वजह से दुनियाभर में अब तक करीब तीन लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं करीब 45 लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं. हर वायरस की तरह इस वायरस के लिए ऐसी चर्चा की जा रही है कि कोरोना वायरस पुल्लिंग है या स्त्रीलिंग। अगर व्याकरण की बात करें तो फ्रेंच भाषा के भाषाविद इसे स्त्री लिंग मान रहे हैं. उन्होंने ऐसा ही मानते हुए इस वायरस के नाम के आगे ले (le) या ला (la) लगाना शुरू कर दिया है.

खबरों के अनुसार, फ़्रांस के एक अकादमिक ग्रुप द एकेडमी फ्रेंचाइजी ने तय किया है कि कोरोना वायरस को वे फेमिनिन यानि स्त्रीलिंग ही मानेंगे। लेकिन पूरी दुनिया में इसकी ताकत को देखते हुए इससे पुल्लिंग ही कहा जा रहा है.

भाषाविदों ने उदाहरण के द्वारा भी समझाया कि “जैसे सीआईए है – इसके संक्षिप्त नाम के अनुसार यह स्त्रीलिंग है. इसलिए यह ला सीआईए है. वहीं एफबीआई के संक्षिप्त नाम के अनुसार यह पुल्लिंग है इसलिए इसके पहले ले एफबीआई होना चाहिए।”

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फ्रेंच भाषा में कोरोना का अर्थ ‘maaladie provoqué par le coronavirus’ है. जिससे यह देखा जा सकता है कि शुरूआत में ही maladie लिखा गया है, यानी जिसमें la का इस्तेमाल किया गया वह स्त्रीलिंग है. इसीलिए भाषाविद ने इसे la covid कहने का ऐलान किया है.