जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना के साथ एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ सेना का एक वाहन अनियंत्रित होकर करीब 400 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में 10 जवानों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
Chief Minister has expressed deep grief over the tragic accident involving an Army vehicle at Khannitop on the Bhaderwah–Chamba road. He conveyed heartfelt condolences to the families of the soldiers who lost their lives and wished a speedy recovery to those injured, lauding the…
— Office of Chief Minister, J&K (@CM_JnK) January 22, 2026
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेना की यह गाड़ी भद्रवाह-चंबा रोड से गुजर रही थी। वाहन में कुल 21 लोग सवार थे। पहाड़ी रास्ता होने के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ा और वह सीधे गहरी खाई में जा समाया। स्थानीय प्रशासन और सेना की टुकड़ियों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों की स्थिति को देखते हुए उन्हें एयरलिफ्ट करने का फैसला लिया गया ताकि उन्हें जल्द से जल्द बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
11 घायलों को किया गया एयरलिफ्ट
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सेना ने त्वरित कार्रवाई की। दुर्घटनास्थल से 11 घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुँचाया गया है। शुरुआती खबरों में मरने वालों की संख्या कम बताई जा रही थी, लेकिन खाई की गहराई और हादसे की भयावहता के कारण मृतकों का आंकड़ा बढ़ गया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस दुर्घटना में 10 वीर जवानों ने अपनी जान गंवाई है।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में हादसा
डोडा जिला अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और घुमावदार पहाड़ी रास्तों के लिए जाना जाता है। भद्रवाह-चंबा मार्ग पर अक्सर वाहनों के लिए खतरा बना रहता है। सेना के वाहन अक्सर इन रास्तों से रसद और जवानों को लेकर गुजरते हैं। बताया जा रहा है कि खाई करीब 400 फीट गहरी थी, जिसके कारण वाहन के परखच्चे उड़ गए।
प्रशासन और सेना की मुस्तैदी
घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुँच गए। सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। शहीदों के पार्थिव शरीरों को सम्मान के साथ निकाला गया है। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सेना की ओर से अभी तक मृत जवानों के नाम और विस्तृत जानकारी आधिकारिक तौर पर साझा की जानी बाकी है। घायलों का इलाज सेना के अस्पताल में प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।










