सरकारी खजाने से भरा जा रहा मंत्रियों का इनकम टैक्स

0
100

भोपाल। सरकारी खजाने से मंत्रियों का आयकर भरने वाला यूपी इकलौता राज्य नहीं है, मध्यप्रदेश में भी ऐसा हो रहा है। चार और राज्य भी इसी कतार में हैं।मध्यप्रदेश में एक अप्रैल 1994 से मंत्रियों और संसदीय सचिवों का आयकर सरकारी खजाने से भरा जा रहा है। प”ाीस साल से लोगों से टैक्स वसूल कर मंत्रियों का टैक्स जमा किए जाने का सिलसिला अब भी जारी है। यूपी में तो यह खबर सामने आने के बाद योगी सरकार ने तो इस पर तुरंत रोक लगा दी। हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में 1966 से सरकार ही मंत्रियों का टैक्स भर रही है। उसी साल ये दोनों राज्य बने थे।

पुराने कानून की बात

9 नवंबर 2000 को जब यूपी के हिस्से कर उत्तराखंड बनाया गया, तब से वहां भी यही रिवाज है। तब से मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विपक्ष के नेता का टैक्स भी सरकार ही भर रही है। वहां अब तक आठ सीएम बदल चुके हैं, लेकिन कानून वहीं हैं। अब सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत हैं। योगी की तरह ही इसे खत्म करने की बात कही है।यूपी में जब 1981 में जब यह कानून बना था कि मंत्रियों का टैक्स सरकार भरेगी, तब सीएम वीपी सिंह थे। उनसे मंत्रियों ने कहा था कि वे गरीब हैं और अपनी कमाई से आयकर नहीं भर सकते। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी ऐलान किया है कि अब सरकार मंत्रियों का टैक्स नहीं भरेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here