मध्य प्रदेश में पोषण आहार मामले में राजनीती गरमाती जा रही है, पक्ष विपक्ष के आरोप प्रत्यारोप के बीच अब इस मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है, प्रदेश अध्यक्ष ने कहा की उल्टा चोर कोतवाल को डांटे 2018-19 2019-20 में आपने क्या किया कमलनाथ जी माननीय मुख्यमंत्री ने दिलेरी से आज कहा, मैं इस पर बात करना चाहता हूं लेकिन वह बात नहीं करना चाहते उनको केवल हो हल्ला मचाना था, सदन के अंदर जो किया दुर्भाग्यजनक है सदन की गरिमा के खिलाफ हैं. ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए मुख्यमंत्री ने कड़ाई से इस बात को कहा है उन्होंने कहा कि वह इस बात पर बात करना चाहते हैं यह कब हुआ, यह तो कमलनाथ जी आप की ही देन थी. इस मध्य प्रदेश में हमारी सरकार ने तो इन चीजों को रोकने का काम किया है,

सीएम ने कहा दोषी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

पोषण आहार को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज ने अपने वक्तव्य में कहा कि ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया कि कार्यकाल में आहार की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई. जो आहार अमानक पाए गए, वो कांग्रेस के कार्यकाल के थे. सीएम ने कहा कि हम सभी बुन्दुओं पर AG को जवाब भेजेंगे. ये अंतिम रिपोर्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि CAG की रिपोर्ट का हम इंतजार करेंगे. अगर कहीं गड़बड़ी पाई गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी. सीएम ने आगे कहा कि चाहे दोषी कोई भी हो किसी को छोड़ा नहीं जाएगा.

क्या है मामला

आपको बता दें मध्यप्रदेश में पूरक पोषण आहार के अंतर्गत तीन साल की उम्र के बच्चों, गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं और 11 से 14 वर्ष के आयु वर्ग में स्कूल से बाहर की किशोरियों की पोषण आहार दिया जाता है। राशन घोटाला की गड़बड़ी मुख्यत: मध्यप्रदेश के धार, मंडला, रीवा, सागर और शिवपुरी में देखने को मिली है. जहां स्टॉक में राशन नहीं होने पर भी 822 मीट्रिक टन राशन सप्लाई कर दिया गया.

बिना सर्वे के किया वितरित

स्कूल शिक्षा विभाग के 9 हजार बच्चों की संख्या को ना मानते हुए बिना सर्वे के 36 लाख से ज्यादा संख्या मान ली, और स्कूल नहीं जाने वाली छात्राओं को बिना सर्वे किए हुए पोषण आहार वितरित कर दिया. 2018- 21 के बीच करीब 48 आंगनवाड़ियों में दर्ज बच्चों की संख्या से ज्यादा 110 करोड़ का राशन कागजों पर बांटा गया हैं.