नर्मदा के निकट सैकड़ों गांवों को खतरा,ओम्कारेश्वर बांध के 14 गेट खोले

मध्यप्रदेश में भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। यहां की सभी बड़ी नदियां नर्मदा, शिप्रा, ताप्ती, चंबल उफान पर हैं। ओंकारेश्वर डेम के बैकवाटर क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है।

मध्यप्रदेश में भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। यहां की सभी बड़ी नदियां नर्मदा, शिप्रा, ताप्ती, चंबल उफान पर हैं। ओंकारेश्वर डेम के बैकवाटर क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। यहां बांध के 14 गेट खोले और 3 हजार 500 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया, जिससे सैकड़ों गांवों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया। इसको देखते हुए 5 जिलों के कलेक्टरों को सतर्क रहने के आदेश जारी किए गए हैं।

ओंकारेश्वर बांध के गेट खोले जाने के बाद उफनती नर्मदा से सटे सैकड़ों गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ ने 5 जिलों में अलर्ट किया है। खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार एवं देवास जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक समेत राजस्व अधिकारियों को सूचित किया कि ओंकारेश्वर डेम के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा संसाधनों का इंतजाम करें।

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ग्वालियर-चंबल बेल्ट में भी अब बादल टूटकर बरस रहे हैं। बेतवा नदी उफान पर है और इसके किनारे के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। शिवपुरी के मोहिनी सागर और मड़ीखेड़ा बांध के गेट खोलने से सिंधु नदी में भी पानी बढ़ गया है। क्वारी नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। नर्मदा, शिप्रा और ताप्ती पहले से ही उफनाई हुई हैं। राजघाट बांध, भदभदा डेम, ओंकारेश्वर बांध और तवा डेम के साथ ही प्रदेश में कई जगह बांधों के गेट खोलना पड़े हैं। 24 घंटे में 2 लोगों की मौत हो गई। छिंदवाड़ा में ट्रैक्टर समेत 3 लोग कंगला नदी पार करते समय बह गए। इसमें ड्राइवर की मौत हो गई। मुरैना में बिजली गिरने से अधेड़ की मौत हो गई।