Horoscope : इन 4 राशियों पर बरसता है खूब धन, जल्द बनते है अमीर

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आज के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति की ये चाह होती है कि वह अपार धन कमाएं और अपनी हरेक विश और आकांक्षाओं को बड़ी ही सरलता से पूर्ण कर लें। इसी के चलते वह ज्यादा से ज्यादा धन कमाने हेतू मन में अनेकों लालसा लिए बेहद ही कठिन परिश्रम करता है, लेकिन कई बार ज्यादा परिश्रम के बाद भी सक्सेस प्राप्त नहीं होती है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, ऐसा कई बार ग्रह दोष, दशा की वजह से भी हो सकता है। इसके अतिरिक्त ग्रहों की कंडीशन का भी प्रभाव पड़ता है। जानिए ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, किन राशियों को होती है सबसे ज्यादा धन कमाने की लालसा।

इन लोगों के भीतर होती है सबसे ज्यादा धनवान बनने की कामना

वहीं महान ज्योतिष विद्वानों के मुताबिक, पैसा कमाने की सबसे अधिक लालसा शुक्र, मंगल, चंद्र और सूर्य की राशियों को होती है। यह ग्रह काफी शुभ माने जाते हैं। यदि किसी साधक की कुंडली में इनकी जगह सही है, तो मनुष्य को समाज में मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा, सभी क्षेत्र में सक्सेस के साथ धन का लाभ भी मिलता है। इन ग्रहों की राशियों की यदि बात की जाएं, तो शुक्र ग्रह की राशि वृषभ, मंगल की राशि वृश्चिक, सूर्य की सिंह राशि और चंद्र की कर्क राशि के साधकों को सबसे अधिक पैसा कमाने की तमन्ना होती है। इसके लिए धन-वैभव बेहद आवश्यक वस्तु लगती है। भौतिक सुख इनके जीवन में अत्यधिक महत्व रखता है।

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कैसे कुंडली में धन भाव का होना है आवश्यक?

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, कुंडली में यदि धन भाव होगा, तो मनुष्य को हर क्षेत्र में तरक्की एवं बुलंदियां हासिल होने के साथ चारों ओर से तगड़ा धन लाभ हो सकता है। पैसे का ताल्लुक दूसरे और आठवें भाव से होता है। जिनका स्वामी वृषभ और वृश्चिक राशि है। इसके अतिरिक्त नौवां, ग्याहरवां और बारहवें भाव का भाग्य होता है। इसी की बुनियाद पर मनुष्य के जीवन में कितना धन होगा। इस विषय में बड़ी ही आसानी से जाना जा सकता है।

जानिए कुंडली में कैसे बनता है धन का योग

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, हर एक की कुंडली में धन का भाव पृथक हो सकता है। जानिए आपकी कुंडली में धन का भाव है कि नहीं। इसके साथ ही ग्रहों की कंडीशन की गणना के अनुसार ये भी जाना जा सकता है कि मनुष्य किस प्रकार से धन को अर्जित करने वाला है।

  1. यदि कुंडली में सातवें भाव में मंगल या शनि स्थित हैं। इसके साथ ही ग्यारहवें भाव में शनि या राहु है तो साधक गलत तरीके से खूब पैसा कमा सकता है।

     

  2. यदि कुंडली में चंद्रमा और मंगल एक साथ किसी घर में बैठें हैं, तो इसे चंद्र मंगल योग कहा जाता है। यह भी धन योग का भाव माना जाता है।

     

  3. यदि कुंडली में गुरु दसवें या फिर ग्यारहवें भाव में, सूर्य और मंगल पांचवें भाव में हो, तो मनुष्य को सरकारी कैपेबिलिटी के द्वारा धन लाभ होता है।

     

  4. यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल शुक्र के साथ युग्म में भ्रमण क्र रहे हैं, तो जातक को महिला पक्ष की तरफ से धन लाभ हो सकता है।

     

  5. यदि किसी जातक की कुंडली में मंगल और गुरु की युति हो रही है, तो अपार धन लाभ होता है।