इटारसी में भारी बारिश से बिगड़े हालात, तवा डैम के नौ गेट खोले

मध्यप्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। नर्मदापुरम में तवा डैम के गेट खोलने पड़े।

मध्यप्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते नर्मदापुरम में तवा डैम के गेट खोलने पड़े। आज सुबह साढ़े 5 बजे 7 गेट खोले गए। पानी की आवक को देखते हुए साढ़े 9 बजे और दो गेट खोल दिए गए। अब 9 गेट से 3015 क्यूमेक्स से बढ़ाकर 3949 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। पहले डेम के 10 गेट खोले गए थे बाद में भू अभिलेख अधिकारी ने 9 गेट खोलने की बात कही।

तवा डैम परियोजना के अधिकारी आरके श्रीवास्तव ने बताया कि बांध का गवर्निंग लेवल 1158 तक है। इस बार दो महीने पहले ही गेट खोल दिए गए हैं। बांध का अधिकतम लेवल 1166 फीट है। 31 जुलाई तक 1158 फीट जलस्तर रखा जाता है। डैम के गेट खोले जाने से नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ेगा। निचली बस्तियों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है।इटारसी से नागपुर रेल रूट पर कीरतगढ़-ताकू के बीच ट्रैक पर पानी आ गया। 4 घंटे से रूट बंद है। जीटी एक्सप्रेस और आंध्रप्रदेश एक्सप्रेस को डायवर्ट कर भुसावल, अकोला से भेजने की तैयारी है। सुखतवा में पुल पर पानी आने से औबेदुल्लागंज-नागपुर हाईवे भी बंद है।

इटारसी में देर रात से हो रही बारिश की वजह से न्यू यार्ड डबल स्टोरी के पीछे वैशाली नगर में लोगों के घरों में पानी घुस गया। इंदिरा नगर, पुरानी इटारसी देवल मंदिर के पास 4 से 5 फीट तक जल जमाव हो गया। उधर, उज्जैन में शिप्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। मध्यप्रदेश में इस सीजन में अब तक सामान्य से 16% ज्यादा पानी गिर चुका है। आमतौर पर साढ़े 10 इंच पानी गिरना था, लेकिन 12 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को भी आधे प्रदेश यानी इंदौर, भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम में जोरदार बारिश होगी।

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ग्वालियर-चंबल, बघेलखंड, बुंदेलखंड और महाकौशल में ज्यादा बारिश नहीं है। यहां हल्की रिमझिम रहेगी। इससे पहले बुधवार को कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई। सावन के पहले दिन सिर्फ छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश हुई। इसके अलावा, बाकी मध्यप्रदेश में हल्की बारिश रही।तवा डैम का पानी नर्मदा नदी में जाता है। इसकी वजह से होशंगाबाद, धार, आलीराजपुर, हरदा, देवास, सीहोर, रायसेन और खंडवा जिले में नर्मदा किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट किया गया है। ​​​​​​मरोड़ा, सोनतलाई, मेहराघाट, सांगाखेड़ा कला, बांद्राभान, रायपुर गांव तवा नदी से लगे हुए हैं। यहां अलर्ट है।तवा डैम के गेट खुलने के बाद पानी को बांद्राभान पहुंचने में 6 घंटे लगते है। नर्मदापुरम में सेठानी घाट पर 6 से 7 घंटे बाद जलस्तर बढ़ना शुरू होता है। तवा से छोड़ा गया पानी इंदिरा सागर डैम को भरता है। नर्मदापुरम, बांद्राभान, आंवली घाट, तालनगरी, बाबरी घाट पर नर्मदा का जलस्तर बढ़ेगा।

भारी बारिश के कारण एमपी की नदियां-नाले उफान पर हैं। बिजली गिरने से 100 से ज्यादा और बारिश के पानी में दो मासूमों समेत कई लोगों की जान जा चुकी है। मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश में 7 दिन तक अच्छी बारिश की संभावना जताई है। यह 15 जुलाई से 21 जुलाई तक रहेगी।