स्वास्थ्य सचिव ने निजी चिकित्सालयों के लिए जारी किए निर्देश, कोरोना पर उठाए ये कदम

आयुष्मान भारत योजना के तहत कोविड के उपचार हेतु निजी चिकित्सालयों के अस्थाई संबद्धता के लिये स्वास्थ्य सचिव ने जारी किये निर्देश...

इंदौर : राज्य स्तरीय कार्यकारी परिषद द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन में मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव आकाश त्रिपाठी द्वारा प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि वर्तमान में सार्थक पोर्टल पर दर्ज विभिन्न निजी चिकित्सालयों द्वारा कोविड-19 से ग्रसित/सदिग्ध मरीजों का उपचार सशुल्क किया जा रहा है।

कोविड-19 की तृतीय संभावित लहर को ध्यान में रखते हुये इन समस्त अस्पतालों को अस्थायी रूप से कोविड-19 उपचार हेतु 01 जनवरी 2022 से 31 मार्च 2022 तक के लिये आयुष्मान भारत निरामयम् मध्यप्रदेश अंतर्गत संबद्ध करने के अधिकार जिला स्तर पर जिला स्वास्थ्य समिति को प्रत्यायोजित किया जाये।

उन्होंने बताया कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी, आयुष्मान भारत द्वारा जारी किये गये आदेश अंतर्गत आयुष्मान पैकेज की दरों में 40 प्रतिशत की वृद्धि कर उनको वर्तमान में उपचार हेतु प्राईवेट अस्पताल की दरों के समकक्ष लाया गया था। इसमें विशेष जाँचों जैसे-सीटी स्कैन. एम.आर.आई. आदि की अधिकतम सीमा जो पूर्व में पांच हजार रूपये प्रति परिवार प्रति वर्ष थी, को संशोधित कर वित्तीय वर्ष 2021-22 में कोविड-19 के उपचार हेतु भर्ती कार्डधारियों के लिए राशि पांच हजार रूपये प्रति कार्डधारी कर दिया गया था। उक्त व्यवस्था को 31 मार्च 2022 तक जारी रखा जाये।

इसी तरह समस्त जिलों में निजी अस्पताल जो पूर्व से ही आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ म.प्र. योजना में मेडिसिन विशेषज्ञता में संबद्ध है द्वारा आयुष्मान हितग्राहियों का निशुल्क कोविड-19 उपचार आवश्यक रूप से किया जाये एवं कोविड-19 ग्रसित/संदिग्ध आयुष्मान हितग्राही उपचार हेतु उपस्थित होने पर उसे भर्ती किया जाना सुनिश्चित करें।

जिले में पंजीकृत मेडिसिन विशेषज्ञता वाले निजी अस्पताल (जो वर्तमान कोविङ-19 का उपचार सशुल्क कर रहे है) जिसमें एन.ए.बी.एच. प्रमाण पत्र एवं नॉन एनएबीएच प्रमाण पत्र संवर्ग के सभी निजी चिकित्सालय सम्मिलित है, की प्राथमिक रिपोर्ट प्राप्त कर जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा अस्थायी रूप से मात्र कोविड-19 उपचार हेतु आगामी तीन माह के लिये इन अस्पतालों को आयुष्मान भारत निरामयम् म.प्र. योजना में संबद्ध किया जाये। अस्थायी संबंद्धता को राज्य शासन के आगामी आदेश के अध्यधीन समय-समय पर बढ़ाया जा सकेगा।

उक्त दिशा-निर्देशों के अनुसार जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा उनके जिले के निजी चिकित्सालयों को अस्थाई रूप से संबद्ध किये जाने हेतु अनुमोदन प्रदान किया जायेगा। जिला स्वास्थ्य समिति की अनुशंसा उपरात उक्त चिकित्सालयों का अनुमोदन एच.ई.एम पोर्टल पर राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा दिया जायेगा। अनुमोदन उपरांत यह सुनिश्चित करें कि इन चिकित्सालयो द्वारा (मेडिसिन विशेषज्ञता वाले स्थायी संबद्ध एवं अस्थायी संबद्ध समस्त निजी अस्पताल) सार्थक पोर्टल पर आवश्यक रूप से अपनी जानकारियां दर्ज की जाये।

आयुष्मान संबंद्ध कोविड अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारियों का एडमिशन एवं उपचार बिना किसी बाधा के सुगमतापूर्वक हो सके यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस हेतु जिले में अपर कलेक्टर से अनिम्न स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये तथा कोविड़ उपचार हेतु अधिकृत प्रत्येक आयुष्मान संबंद्ध अस्पताल हेतु शासकीय अधिकारी को प्रभारी अधिकारी बनाया जाये।

आयुष्मान योजना के कार्डधारियों के कोविड उपचार के लिए चिन्हित आयुष्मान अस्पतालों में सुगमता पूर्वक प्रवेश एवं उपचार हेतु यह नोडल अधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी निरंतर कार्य करेंगे तथा फोन पर उपलब्ध रहेंगे। कोई भी आयुष्मान कार्डधारी प्रवेश में सहायता हेतु अथवा किसी प्रकार की दिक्कत आने पर नोडल/प्रभारी अधिकारी से सम्पर्क कर सकता है। इस हेतु समस्त नोडल/प्रभारी अधिकारियों के अस्पतालवार मोबाइल नम्बर व जिले के अन्य कंट्रोल रूम के नम्बर का व्यापक रूप से प्रसार किया जाये।

आयुष्मान कार्डधारियों के कोविड उपचार के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त होने उस पर कार्यवाही करते हुए जाँच हेतु एक विशेष सेल बनायी जाये ताकि किसी भी दशा में कोई भी आयुष्मान कार्डधारी सम्बद्ध चिकित्सालय में एडमिशन एवं कोविड-19 उपचार से वंचित न रहे। उपरोक्तानुसार मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना के तहत प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को पूर्णतः निःशुल्क कोविड उपचार उपलब्ध कराना राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अतः यह सुनिश्चित करें कि इस योजना का क्रियान्वयन अत्यंत संवेदनशीलता के साथ किया जाये ताकि राज्य शासन का यह महत्वपूर्ण प्रकल्प फलीभूत हो सके।