अक्सर लोग सिरदर्द को नींद की कमी, तनाव या पानी कम पीने से जुड़ी सामान्य परेशानी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। ज्यादातर मामलों में यह सही भी होता है, लेकिन अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, ठीक होने का नाम नहीं ले रहा या समय के साथ और तेज होता जा रहा है, तो यह चिंता की बात हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे सिरदर्द को हल्के में लेना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
न्यूरोसर्जन डॉ. गौरव बत्रा के मुताबिक, कुछ मामलों में लगातार सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का भी संकेत हो सकता है। जब दिमाग में ट्यूमर बनता है, तो वह अंदर दबाव बढ़ा देता है, जिससे सिरदर्द होता है। यह दर्द आम सिरदर्द से अलग होता है और दवाइयों से भी ज्यादा आराम नहीं मिलता।
कैसा होता है ब्रेन ट्यूमर से जुड़ा सिरदर्द
डॉक्टर बताते हैं कि ऐसा सिरदर्द अक्सर सुबह के समय ज्यादा तेज होता है। खांसने, झुकने या जोर लगाने पर दर्द और बढ़ सकता है। कई बार पेनकिलर लेने के बाद भी राहत नहीं मिलती। अगर सिरदर्द के साथ जी मचलना, उल्टी, धुंधला दिखना या दौरे पड़ने जैसे लक्षण दिखें, तो सतर्क हो जाना चाहिए।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी
अगर सिरदर्द नया है, बहुत तेज है या रोजमर्रा के काम में परेशानी पैदा कर रहा है, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। सिरदर्द के साथ बोलने में दिक्कत, याददाश्त कमजोर होना, हाथ-पैर में कमजोरी या संतुलन बिगड़ना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है। समय पर जांच से सही इलाज संभव हो पाता है और बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।









