गुरु पूर्णिमा उत्सव के शुरू होने से पहले ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। जिसकी वजह से गुरु पूर्णिमा का उत्सव थोड़ा सा फीका पड़ गया है। ऐसे में आज दोपहर करीब 1:00 बजे तक केवल एक हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए है। बारिश के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही काफी कम रही। बता दे, कोरोना महामारी की वजह से मंदिर में बाहरी श्रद्धालुओं के दर्शन पर प्रतिबंध है। स्थानीय लोग ही दर्शन करने पहुंच रहे हैं।

ऐसे में आज दादाजी दरबार में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया गया। यहां आज 5:00 बजे पर्व की विशेष आरती हुई इसमें दो से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। ऐसे में सुबह करीब 8:00 बजे की आरती में श्रद्धालुओं की संख्या कम रही। दरअसल, सुबह से हो रही बारिश की वजह से स्थानीय लोग भी कम संख्या में दादाजी दरबार दर्शन करने पहुंचे। श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया। बाहर से ही श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। इसके पश्चात धुनिमाई के दर्शन कर आहुति अर्पित की।

जानकारी के मुताबिक, दादाजी दरबार परिसर में पुलिसकर्मियों ने व्यवस्था संभाली। दरअसल, गणेश गौशाला चौराहे पर पुलिस की टीम मंदिर की ओर जा रहे हैं लोगों को रोककर पूछताछ करती रही है। जिसके बाद उन्हें आगे जाने दिया गया हालांकि बारिश की वजह से पुलिस भी केवल खानापूर्ति करते हुए नजर आए। ऐसे में सभी को श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने में परेशानी नही उठाना पड़ी।