भारत में गाड़ी हमेशा बाईं ओर ही क्यों चलती है? कारण जानकर आप भी चौंक जाएंगे, सुरक्षा और खर्च दोनों की अहम भूमिका

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By Praveen ShuklaPublished On: January 9, 2026

सड़क पर गाड़ी चलाते समय हम ट्रैफिक, सिग्नल और नियमों पर ध्यान देते हैं, लेकिन शायद ही कभी यह सोचते हैं कि भारत में गाड़ी हमेशा सड़क की बाईं ओर ही क्यों चलाई जाती है। वहीं अमेरिका जैसे कई देशों में दाईं ओर ड्राइविंग होती है। यह कोई अचानक बनाया गया नियम नहीं है, बल्कि इसके पीछे इतिहास, सुरक्षा और व्यावहारिक जरूरतों की अहम भूमिका रही है

भारत में बाईं ओर ड्राइविंग की शुरुआत ब्रिटिश शासन के दौरान हुई। इंग्लैंड में घुड़सवारी के समय से ही बाईं ओर चलने की परंपरा थी, ताकि लोग अपने दाएं हाथ का इस्तेमाल आसानी से कर सकें। जब अंग्रेजों ने भारत में सड़कें और यातायात नियम बनाए, तो उन्होंने वही व्यवस्था यहां भी लागू कर दी। पूरे देश में एक जैसे नियम रखने के लिए इसे सख्ती से अपनाया गया।

आजादी के बाद नियम क्यों नहीं बदला

1947 में आजादी के बाद भारत के पास यह मौका था कि वह ड्राइविंग का नियम बदल सके, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वजह साफ थी, अगर दाईं ओर ड्राइविंग अपनाई जाती तो देशभर में सड़क संकेत, सिग्नल और चौराहों को बदलना पड़ता। इसके अलावा लाखों गाड़ियों के स्टीयरिंग सिस्टम और करोड़ों ड्राइवरों की ट्रेनिंग भी जरूरी होती। एक नए देश के लिए यह बदलाव बहुत महंगा और मुश्किल होता।

सुरक्षा और पड़ोसी देशों से तालमेल

लेफ्ट साइड ड्राइविंग भारत की सड़कों के लिए ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है। ड्राइवर सड़क के बीच की तरफ बैठता है, जिससे सामने से आ रहे ट्रैफिक को देखना आसान होता है। साथ ही भारत के पड़ोसी देश जैसे पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका भी बाईं ओर ही ड्राइव करते हैं। ऐसे में एक ही नियम होने से सीमा पार आवाजाही और सड़क सुरक्षा दोनों में आसानी बनी रहती है।