इंदौर : चुनाव जीतने के बाद भी आगे बढ़ने में उल्झी भाजपा, शपथ से लेकर बाकी मुद्दों पर नहीं की कोई बात

मेयर से लेकर सर्वाधिक पार्षद भाजपा के जितने के बावजूद शपथ विधि समारोह से लेकर एम आई सी, जोन अध्यक्ष जैसे मुद्दों पर पार्टी के कोई बड़े नेता अभी तक बात करने तक का समय नहीं निकाल पा रहे हैं।

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इंदौर(Indore) : मेयर से लेकर सर्वाधिक पार्षद भाजपा के जितने के बावजूद शपथ विधि समारोह से लेकर एम आई सी, जोन अध्यक्ष जैसे मुद्दों पर पार्टी के कोई बड़े नेता अभी तक बात करने तक का समय नहीं निकाल पा रहे हैं। जिसको लेकर सभी आश्चर्यचकित हैं। चुनाव परिणाम आने के आठ दिन बाद भी हालत यह है कि शपथ विधि कार्यक्रम कब कहां और कैसे होगा। इसका फैसला अभी तक नहीं हो पा रहा है।

कहा तो यह जा रहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समय नहीं दे रहे हैं, लेकिन यह बात भी सही है कि इंदौर के बड़े भाजपा नेता और विधायक इस बारे में बात करने के लिए एक जाजम पर बैठने को तैयार नहीं है। टिकट तय होने के समय तक सब कुछ ठीक था, लेकिन उसके बाद चुनाव प्रचार शुरू होते ही जिस तरह से कैलाश विजयवर्गीय गुट ने भार्गव को अपना उम्मीदवार बताना शुरू किया।

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उसके बाद भाजपा दफ्तर में विजयवर्गिय ने डेरा जमा लिया। बस यही बात बाकी सभी नेताओं और विधायकों को ठीक नहीं लग रही है, क्योंकि विजयवर्गीय ने किसी भी नेता से कोई सलाह मशवरा नहीं किया। खुद अपनी मर्जी से काम करते रहे। इसी कारण चुनाव में संगठन सक्रिय नहीं दिखा। चलते चुनाव के समय भाजपा के एक नेता ने सभी विधायकों की बैठक बुलाने के लिए बात कही तो विजयवर्गीय ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि मैं दे सब देख लूंगा। उसके बाद वह नेता आज तक पार्टी दफ्तर नहीं गए।

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यह भी कहा जा रहा है कि चुनाव के दौरान चंदे को लेकर जो बात सामने आई है। उस बात से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा नाराज हैं। यह भी कहा जा रहा है कि समारोह को लेकर विजयवर्गीय गुट ने अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। इसकी भनक भी दूसरे नेताओं को लग गई है। इस कारण अब दूसरे नेता शपथ विधि समारोह को लेकर कोई सक्रियता नहीं दिखा रहे। आश्चर्यजनक बात यह है कि चुनाव के दौरान तो ठीक परिणाम आने के बाद आठ दिन बाद भी अभी तक पार्टी की संभागीय समिति और कोर कमेटी की बैठक नहीं हो पाई है। अभी जिस हिसाब से भाजपा सुस्त पड़ी है, उसको लेकर पार्षदों में भी चर्चा है। वैसे कल भाजपा दफ्तर में पार्षदों की बैठक जरूर हुई थी।