थियेटर में मूवी से पहले विज्ञापन दिखाने की क्या है समयसीमा? जानिए क्या कहते है नियम

बेंगलुरू के एक उपभोक्ता ने सिनेमा हॉल में अत्यधिक विज्ञापनों के खिलाफ शिकायत की, जिस पर अदालत ने जुर्माना लगाया और उपभोक्ताओं को ऐसे विज्ञापनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का अधिकार दिया।

Meghraj Chouhan
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Commercial Ads in Movie theatre : कल्पना कीजिए, आपने मूवी का टिकट खरीदा, फैमिली या दोस्तों के साथ सिनेमा हॉल पहुंचे, और सोच रहे थे कि फिल्म का मजा कब शुरू होगा। लेकिन क्या देखते हैं? फिल्म शुरू होने से पहले आपको लगातार विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं और तय समय से 25-30 मिनट बाद भी फिल्म की शुरुआत नहीं होती!

यह समस्या लगभग हर सिनेमा हॉल में देखने को मिलती है। टिकट पर दिए गए समय के अनुसार फिल्म का शो शुरू नहीं होता और दर्शकों को विज्ञापन देखने पड़ते हैं। हाल ही में एक ऐसा मामला अदालत में पहुंचा, जहां सिनेमा हॉल मालिकों को बुरी तरह फटकार लगाई गई और जुर्माना भी लगाया गया।

यह मामला बेंगलुरू के अभिषेक एमआर ने उपभोक्ता अदालत में दर्ज कराया। उनका आरोप था कि सिनेमा हॉल में फिल्म शुरू होने से पहले 25-30 मिनट तक दर्शकों का समय बर्बाद किया गया, जिससे उन्हें मानसिक परेशानी हुई। अदालत ने इस पर सिनेमा हॉल को फटकारते हुए शिकायतकर्ता को मानसिक कष्ट और असुविधा के लिए 20,000 रुपये और मुकदमेबाजी खर्च के तौर पर 8,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया। साथ ही 1 लाख रुपये उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने के लिए कहा।

क्या है नियम?

सुनवाई के दौरान, पीवीआर ने तर्क दिया कि इन विज्ञापनों में सार्वजनिक सेवा घोषणाएं शामिल थीं, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि सिनेमा हॉल केवल 10 मिनट तक सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक सेवा घोषणाओं के विज्ञापन दिखा सकते हैं। इसके अलावा, फिल्म से पहले दिखाए जाने वाले विज्ञापनों को इंटरवल के दौरान दिखाने की सलाह दी गई, ताकि दर्शकों का समय व्यर्थ न हो।