5 राज्यों में चुनाव: कहां कितनी सीटें, कहां कैसी किसकी स्थिति

देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दल मैदान में उतर गए है...प्रत्याशियों की सूची भी जारी करने का सिलसिला शुरू हो गया है वहीं नेताओं द्वारा अपने दलों को भी बदला जा रहा है।

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देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दल मैदान में उतर गए है…प्रत्याशियों की सूची भी जारी करने का सिलसिला शुरू हो गया है वहीं नेताओं द्वारा अपने दलों को भी बदला जा रहा है। यहां हम इन राज्यों में होने वाले चुनावों के मद्देनजर सीटों की  संख्या और  कहां कैसी किसकी स्थितिहै संबंधी जानकारी दे रहे है-

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पंजाब
विधानसभा का चुनाव एक चरण में होगा जो 14 फरवरी को सम्पन्न होगा। 2017 विधानसभा चुनाव  में कांग्रेस के 77 विधायक जीते थे। उपचुनाव जीत कर इनकी संख्या 80 तक पहुंच गयी। आप के 20 विधायक जीते थे। अब उसके पास केवल 11 विधायक बचे हैं। पंजाब में 117 सीटों पर चुनाव होंगे। मौजूदा समय में यहां कांग्रेस की सरकार है।
उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश में सात चरणों में चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च तक सम्पन्न होगा। 2017 के चुनाव में भाजपा 325, सपा 47, बसपा 19, कांग्रेस 7 सीटों पर जीती थी। अब बसपा के केवल 4 विधायक बचे हैं। उसके 15 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी।

उत्तराखंड

उत्तराखंड में 14 फरवरी को मतदान है, यहां भाजपा की सरकार है। 2017 के चुनाव में भाजपा को 57 और कांग्रेस को 11 सीटें मिली थीं। भाजपा अब तक दो मुख्यमंत्री बदल चुकी है। आम आदमी पार्टी भी यहां चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा बसपा और सपा भी यहां किस्मत आजमाती रही हैं।

गोवा

गोवा में 14 फरवरी को मतदान है । 2017 के चुनाव में भाजपा ने यहां 13 सीटें जीती थीं। कांग्रेस को 17 सीटें मिलीं थीं। लेकिन भाजपा ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी और निर्दलियों के सहयोग से सरकार बना ली। हालांकि बाद में कांग्रेस के 15 विधायकों ने अपनी पार्टी को छोड़ दिया और ऐसे में फिलहाल कांग्रेस के पास महज 2 विधायक ही है। आप अकेले सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

मणिपुर

मणिपुर में 27 फरवरी और 3 मार्च को मतदान होगा। यहां भाजपा की सरकार है। 2017 के चुनाव में यहां  कांग्रेस सबसे अधिक 28 सीट जीत कर सरकार नहीं बना पायी थी। भाजपा ने 21 सीटें जीत कर नगा पीपल्स फ्रंट और नेशनल पीपल्स पार्टी के साथ मिल कर सरकार बना ली थी। कांग्रेस में 28 के बदले सिर्फ 15 विधायक हैं जबकि भाजपा 21 से बढ़ कर 27 हो गयी।