इंदौर। बिजली वितरण कंपनी सूचना प्रौद्योगिकी के श्रेष्ठतम उपयोग, कार्य में पादर्शिता और तेजी, डिजिटल अपडेशन के साथ ही समय पालन, राजस्व संग्रहण लिए विजिलेंस कार्य, पंचनामे अब ड़िजिटलाइज्ड किए है। सवा चार माह में ही कंपनी के विजिलेंस और वितरण टीम के प्रभारी अधिकारियों ने 12600 डिजिटल पंचनामें बनाए है। इन पंचनामों के माध्यम से की गई बिलिंग से तेरह करोड़ से ज्यादा की राशि वसूली जा चुकी है ।

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर के प्रबंध निदेशक अमित तोमर ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने न्यू विजिलेंस इंफार्मेशन सिस्टम(एनवीआईएस) एप तैयार किया था, ताकि विजिलेंस कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे, सारा कार्य पेपरलैस और डिजिटल मोड पर हो। इस कार्य की शुरूआत जुलाई अंत से की गई थी, इंदौर सहित सभी 15 जिलों के संबंधित विजिलेंस और जिलों के इंजीनियरों, को इसकी ट्रेनिंग भी दी गई थी।  तोमर ने बताया कि इस प्रक्रिया से कार्य में तेजी आई, साथ ही गलती होने की संभावना खत्म हो गई है।

साथ ही ड़िजिटल पंचनामें की ट्रेकिंग, मानिटरिंग रियल टाइम में उच्च अधिकारी कर पा रहे है। इस डिजिटल, पेपरलैस पंचनामें में सारी जानकारी डिजिटल दर्ज की जा रही हैं, उपभोक्ता या उपयोगकर्ता, अधिकारी और गवाह के हस्ताक्षर भी ड़िजिटल ही होने से शंका, कुशंका की स्थिति से निजात मिली है। उन्होंने बताया कि सवा चार माह के दौरान अब तक 12600 डिजिटल पंचनामें तैयार किए गए है।

इन पंचनामों के विरूद्ध मूल बिल राशि, दंड व अन्य शुल्कों सहित अब तक तेरह करोड़ की राशि वसूली जा चुकी है। प्रबंध निदेशक  तोमर ने बताया कि नई व्यवस्था संचालन में कंपनी स्तर पर दायित्व मुख्य सतर्कता अधिकारी कैलाश शिवा के साथ ही आईटी सेक्शन के अधीक्षण यंत्री सुनील पाटौदी, विभोर पाटीदार निभा रहे हैं। तोमर ने बताया कि बिजली कंपनी सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से कंपनी हित के साथ ही उपभोक्ता सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के लिए प्रतिबद्ध है।