जानलेवा हैं भारत की सड़के, हर घंटे 53 हादसे, सालाना करीब डेढ़ लाख मौत

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नई दिल्ली | वाहन बिल लोकसभा में मंगलवार को पारित हो गया| इस दौरान लोकसभा में सड़क दुर्घटना के आंकड़े पेश किए गए| साल 2017 के आंकड़ों के अनुसार भारत में प्रति घंटे 53 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें से 17 लोगों की मौत हो जाती है| जबकि पूरे देश में सालाना एक लाख 47 हज़ार नौ सौ तेरह लोगों की मौत हो जाती है| अगर राज्यवार बात करें तो भारत के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है. वहीं तमिलनाडु इस मामले में दूसरे स्थान पर है. तीसरे स्थान पर महाराष्ट्र और चौथे स्थान पर कर्नाटक है|

लक्षद्वीप में एक भी मौत नहीं


भारत में लक्षद्वीप एक ऐसा राज्य है जहां सड़क दुर्घटना में एक भी मौत नहीं होती है| अंडमान निकोबार, दमन-दीव, नागालैंड और दादर नगर हवेली ऐसे राज्य हैं जहां सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतौं की संख्या 50 से कम है| सड़क दुर्घटना को कम करने के लिए इस बिल में सरकार ने कई गाइडलाइंस जारी की हैं| साथ ही और भी कई कानून बनाए हैं| मसलन, इमरजेंसी वाहन को सड़क पर रास्ता न देने पर दस हज़ार रुपये की पेनाल्टी देनी होगी| इसी तरह से अगर कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो उसके मां-बाप या अभिभावक को इसके लिए ज़िम्मेदार माना जाएगा और ऐसी स्थिति में वाहन का रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने के साथ-साथ 25 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा|