इंदौर(Indore) : पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर हरिनारायणचारी मिश्र व्दारा इंदौर शहर में लोगों से छलकपट कर अवैध लाभ अर्जित करते हुये आर्थिक ठगी करने वाले अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) राजेश हिंगणकर के मार्गदर्शन में पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) निमिष अग्रवाल एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम ब्रांच) गुरू प्रसाद पाराशर के द्वारा आर्थिक ठगी एवं सोशल मीडिया संबंधी अपराधो की रोकथाम हेतु क्राइम ब्रांच फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीमों को लगाया गया है ।

इसी अनुक्रम में कार्यालय अपराध शाखा द्वारा संचालित साइबर हेल्पलाइन पर तीन आवेदको ने शिकायत की थी की जिसमे (1). फरियादी राजेंद्र सिंह निवासी इंदौर जो बेकरी का काम करते है आवेदक के नाम पर, बिना सहमति एवं जानकारी के paytm के मध्यम से ऑनलाइन 30 हजार रुपए का लोन लिया गया व उसकी राशि भी आवेदक को प्राप्त नहीं हुई और जब paytm कंपनी से लोन की किस्त के लिए कॉल आया तब आवेदकों को पता चला कि उनके मोबाइल का दुरुपयोग कर किसी ने उनके साथ धोखाधडी की है।

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आवेदक (2).विनोद जो की मानपुर में फुटवियर की शॉप है के साथ आवेदक नाम पर बिना सहमति एवं जानकारी के paytm के मध्यम से ऑनलाइन 90 हजार रुपए का लोन लिया गया व उसकी राशि की भी उन्हें प्राप्त नहीं हुई और अज्ञात व्यक्ति द्वारा धोखाधडी की गई है एवं आवेदक (3). विजय जिनकी ग्राम डाकाच्या में मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक की शॉप है के साथ भी पेटीएम अधिकारी द्वारा paytm अपडेट एवं सुधार करने के नाम से आवेदक का मोबाइल लेकर 60 हजार रुपए ट्रांसफर कर उसके साथ धोखाधड़ी की है।

जिस पर सायबर हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत पर क्राCimइम ब्रांच इंदौर की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम द्वारा जांच कर कार्यवाही करते ज्ञात हुआ कि दोनो आरोपी (1). शिवम शर्मा पिता राकेश निवासी आजाद नगर,इंदौर एवं (2). संतोष मुलवीय पिता प्रहलाद निवासी मालवीय नगर इंदौर, ने आवेदक राजेंद्र एवं विजय के paytm वॉलेट अकाउंट की kyc अपडेट करने का झूठ बोलकर आवेदकों के मोबाइल एवं आधारकार्ड, पैनकार्ड आदि डॉक्यूमेंट लेकर आवेदक के मोबाइल से paytm वॉलेट से ऑनलाइन पोस्टपेड Loan की राशि प्राप्त कर ठगी की गई एवं आवेदक के साथ दोनो आरोपियों ने मोबाइल लेकर paytm अकाउंट की राशि को अपने परिजन मित्रो के बैंक खाते में ट्रांसफर करने के बाद आवेदकों के मोबाइल से बैंक मैसेज भी डिलीट कर दिए ताकि पैसे कटने की जानकारी आवेदक को पता न चले और ठगी की गई जिस पर आवेदक फरियादी राजेंद्र के द्वारा थाना आजाद नगर पर अपराध धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कराया गया।

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क्राइम ब्रांच टीम द्वारा दोनो आरोपियों को पकड़ा व आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह पहले शहर के बाहरी क्षेत्र या सुनसान इलाको में जहा की दुकानों में कैमरे और भीड़ न हो वहा की रैकी कर दुकानों के बाहर क्यूआर कोड paytm कंपनी के है चैक कर उन्ही दुकानों में जाते थे और दुकान मालिक को paytm से संबंधित कोई परेशानी या स्कीम है या kyc update करने के बहाने उनका मोबाइल प्राप्त कर वॉलेट में अगर पैसे होते थे तो उन्हें अपने परिजनों के अकाउंट में ट्रांसफर कर ठगी करते थे।

और व्यक्ति के paytm में पैसे नही होते थे तो kyc upadte के नाम पर आवेदक का आधार कार्ड, पैनकार्ड आदि डॉक्यूमेंट लेकर paytm से ऑनलाइन पोस्टपेड लोन की राशि प्राप्त कर उक्त राशि को उसी समय अपने परिजनों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर, आवेदक के मोबाइल के मैसेज भी डिलीट कर देते थे ताकि आवेदक के अकाउंट से आहरित राशि पता न चले और ठगी करके वहा से चले जाते थे। इसी प्रकार दोनो आरोपियों ने अभी तक जिला इंदौर के मानपुर, शिप्रा, हातोद सहित धार, पीथमपुर झाबुआ, राजगढ़ आदि जगहों पर paytm अधिकारी बनकर कई लोगो के साथ लाखो रुपए की धोखाधडी की वारदात करना स्वीकार किया हैं। दोनो आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही थाना आजाद नगर द्वारा की जा रही है पूछताछ में अन्य बड़े खुलासे होने की है संभावना।